चाय का प्रभाव: देश में ऐसे लोगों की साख काफी अच्छी होती है, जो सुबह-सुबह ही चाय पीने के शौकीन होते हैं। अमूमन लोग इसे बेड टी कहते हैं। वहीं, कुछ लोग चाय के शौकीन होते हैं जिन्हें बाजार में कई बार बनाया जाता है। विक्रयकर्ता बिरादरी में प्रतिपक्षी का वारंट तो बिना चाय के हो ही नहीं सकता। ऑफिस में लोग थकान और नींद को भगाने के लिए चाय का ही सहारा लेते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि चाय में ऐसी अनोखी बात है कि इसे पीने से नींद और थकान बढ़ती है? इसमें एक ऐसी बात है, जो आम लोगों को चाय की आदत पड़ जाती है? हम आपको ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब यहां दे रहे हैं।
चाय में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन होता है। ये खास तरह का होता है स्टिम्युलेंट। इसलिए जब भी चाय पी जाती है तो नींद और थकान मिट जाती है और लोगों को थकान महसूस होने लगती है। हालाँकि, ग़लत समय पर और ग़लत तरीक़े से छोड़ी गई चाय पीने के कारण आपका वैलंट ड्रिंक साइकल वर्जित हो सकता है। इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चाय पीने से सबसे खतरनाक तनाव, अनिद्रा और उदासी बढ़ती है। यही नहीं, चाय में मौजूद कैफीन की मात्रा आपके दिमाग पर भी बुरा असर डाल सकती है।
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प्रातः काल चाय सूर्यास्त नुकसानदायक
डॉक्टर्स के अनुसार, सुबह-सुबह खाली पेट चाय से स्वास्थ्य को बेहद नुकसान हो सकता है। सुबह-सुबह ही बिना ब्रश किए सीधे चाय पीने से कई ब्रांड मुंह से पेट में पहुंच जाते हैं। इससे शरीर में ग्लूकोज की कमी हो सकती है। वहीं, चाय में पाए जाने वाले टैनिक एसिड की वजह से पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है। वहीं, रात में चाय पीने से नींद आने पर भी काफी नुकसान हो सकता है। डॉक्टर्स का कहना है कि रोजाना 7 या 8 घंटे की नींद का मतलब मधुमेह, वजन बढ़ना, उच्च रक्तचाप, अवसाद, हृदय रोग और हृदय स्ट्रोक जैसी गंभीर गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
चाय में पाया जाने वाला निकोटिन इसकी आदतन पाचन के लिए जिम मॅडर होता है।
बार-बार होती है चाय की तलब
चाय में पाया जाने वाला निकोटिन इसकी आदतन पाचन के लिए जिम मॅडर होता है। यही निकोटीन परमाणु रेडियोधर्मिता भी पाई जाती है। चाय पीने पर निकोटिन के कारण ही आपको तनाव में कमी महसूस होती है और आप जागते रहते हैं। अगर कोई किसी भी तरह से रोजाना निकोटिन ले रहा है तो उसे उस प्रोडक्ट की जल्दी ही लग जाती है। अन्य लोगों को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे चाय की आदत पड़ जाती है। कई लोगों की बिना चाय पिए नींद ही नहीं खुलती तो कुछ लोगों को दिन में कई बार चाय की जरूरत महसूस होती है।
सोने में ताज़ा कोई चाय है
कुछ लोगों को सोने से पहले चाय पीने की आदत होती है। अगर आप सोने से कुछ घंटे पहले चाय पीते हैं तो ये खतरनाक हो सकता है। वहीं, अगर आपको आसानी से नींद नहीं आती है तो कुछ चाय सोने में भी आपकी मदद कर सकते हैं। लेमन बाम टी, पैनफ्लावर टी, मेलाटोनिन टी और कावा चाय कॉलेज में दवाएं मिलती हैं। इसके अलावा कैमोमाइल टी, मेलाटोनिन टी और वेलेरियन रूट टी नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती हैं। बायबैक में ऐसी कई चाइयाँ हैं, जो स्लीप लीफ में और गुणवत अरबों में मदद करती हैं।
डॉक्टर्स के अनुसार, अगर चाय सही समय और मात्रा में पी जाए तो ये हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
मूल चाय का कोई फ़ायदा भी नहीं है
ये जानते हैं निवेशक लोग जानते हैं कि इससे होने वाले बड़े नुकसान भी हैं। लेकिन, शायद आप सही तरीके से ये जानकर चौंक जाएंगे कि अगर चाय के तरीके से पी जाएं तो इसके कई फायदे भी हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि चाय पीने से हार्ट अटैक का खतरा होता है। इससे वजन भी कम हो सकता है। हड्डियों के लिए भी अच्छी मणि मिलती है। चाय शरीर में पानी की कमी को पूरा करती है। वहीं, इसमें मौजूद प्राकृतिक ऊर्जा की कमी को पूरा किया जाता है। चाय में कई सारे कागजात होते हैं. प्लांट टी पाचन तंत्र सबसे अच्छा काम करता है। किसी भी अन्य पेय के इलेक्ट्रॉनिक्स चाय अधिक प्राकृतिक होती है। हालाँकि, इसके फायदे लेने के लिए शर्त यही है कि इसे सीमित मात्रा में सही समय पर सही तरीके से पिया जाए। साथ ही ग्रीन, स्कूटरलेक, लेमन या डिस्टेंस किस मां से सही चाय का चुनाव भी अहम है।
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पहले प्रकाशित : 3 अक्टूबर, 2023, 11:11 IST
