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पीएम सुनक ने कहा-ब्रिटेन नस्लवादी देश नहीं, मेरी कहानी भी ब्रिटिश कहानी है बिग/पीएम सुनक ने कहा-ब्रिटेन नस्लवादी देश नहीं, मेरी गाथा भी ब्रिटिश कहानी है; बच्चों में धूम्रपान निषेध को लेकर लिया बड़ा फैसला


ब्रिटेन के ऋषि सनक और पत्नी अक्षता मूर्ति- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: एपी
ब्रिटेन के ऋषि सनक और पत्नी अक्षता मूर्ति

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने रविवार को पार्टी नेता के रूप में कंजर्वेटिव पार्टी के अपने पहले सम्मेलन को उजागर किया। इस दौरान प्रधानमंत्री सुनक ने कहा कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश नहीं है और उनकी गाथा एक ब्रिटिश कहानी है। सनक ने कहा कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश नहीं है और उसकी त्वचा का रंग कोई ”बड़ी बात” नहीं है। उन्होंने शैतान के करीब एक साल बाद इस भाषण को अपनी राजनीतिक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण भाषण दिया। सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति ने पहली बार राजनीतिक मंच पर प्रस्तुति दी।

इस दौरान कई अहम फैसले हुए। उनमें बच्चों को धूम्रपान की लत को लेकर वैचारिक वैचारिक निर्णय भी शामिल था। सुनक ने कहा कि अपने फैसले से आने वाली इस यात्रा में हमें धूम्रपान की लत से उबरने में मदद मिलेगी। उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति मैनचेस्टर में कंजर्वेटिव पार्टी के सम्मेलन में अपने पहले भाषण के लिए ”सबसे अच्छे दोस्त” ऋषि सनक का परिचय प्रस्ताव सामने आया। इसके बाद सनक ने नामांकन के बारे में बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अगले चुनाव में उन्हें ब्रिटिश जनता का दर्जा मिलेगा। सुनक ने कहा, ”कभी भी कोई यह नहीं कहता कि यह एक नस्लवादी देश है।” ऐसा नहीं है।” उन्होंने कहा, ”मेरी गाथा एक ब्रिटिश कहानी है।”

सनक ने अपनी डाउनिंग स्ट्रीट तक की यात्रा की कहानी बताई

पीट सुनक ने अपनी कहानी के बारे में बताया कि कैसे एक परिवार तीन लोगों के साथ सड़क से उतरकर सड़क तक पहुंच सकता है।” वहां के गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन और ऊर्जा मंत्री क्लेयर कॉटिन्हो भी शामिल हुए। उन्होंने कहा, ”मुझे पहले ब्रिटिश एशियाई प्रधानमंत्री होने पर गर्व था, लेकिन आप जानते हैं, मुझे इससे भी अधिक गर्व है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। और बस याद रखें: यह कंजर्वेटिव पार्टी थी जिसने ऐसा किया था, न कि (विपक्षी) लेबर पार्टी ने।” सनक ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा, ”मेरा प्रस्ताव है कि भविष्य में हम धूम्रपान की उम्र में हर साल एक साल की बढ़ोतरी करेंगे।” इसका अर्थ यह है कि आज 14 साल के बच्चे को कभी भी कानूनी तौर पर सिगरेट नहीं पिलाई जाएगी और वे और उनकी पीढ़ी धूम्रपान मुक्त हो सकते हैं। (भाषा)

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