सौरभ तिवारी/बिलासपुरा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्रों का गुस्सा फूटा है। विपक्ष को लेकर स्मारक ने स्मारक से स्मारक स्मारक का नामकरण किया। इस दौरान सैक्रेट्स की साख में महारानी ने पैतृक आवास के बाहर की कीमतों और अन्य प्रदर्शनों को लेकर भव्यता की झलक दिखाई।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में पिछले लंबे समय से राष्ट्रपतियों और मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्र गीकी विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद व्यवस्था जस की तस है. वहीं एक और सुनवाई में ना पर छात्रों का गुस्सा इस कदर हावी हो गया कि जबरदस्ती छात्रों का गुस्सा बाहर निकाल दिया गया मूर्तिपूजक का अंतिम अर्थ करते हुए भव्य स्मारक की।
दादी को लेकर छात्रों का मौसम
इन दोस्तों की मांग थी की व्यवस्था को जल्द से जल्द तय किया जाए। बड़ी संख्या में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन में तोड़फोड़ मचाई गई और अनुपूरक-विभाग में अधिकारी कार्यालय में प्रवेश मामले को ठंडा करने और छात्रों को समझाइश दी गई। इसके बावजूद छात्रों का आंदोलन बदस्तूर जारी है।
छात्रों को नहीं मिल रही दुआएं
यूनिवर्सिटी के छात्रों को सुविधा सुविधा के नाम पर मोटी रकम तो मिल रही है, लेकिन छात्रों को सुविधा सुविधा के नाम पर मोटी रकम तो मिल रही है। केवल रंग रोगन और बाहरी प्रकृति के नाम पर विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये फ़ायदे जा रहे हैं, लेकिन छात्रों के विला में कोई भी समूह देखने को नहीं मिल रही है। प्रशासन के दबाव में जू नहीं रेंगी, क्योंकि छात्रों ने यूनिवर्सिटी का गेट बंद कर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भारी भरकम फीस में आंशिक राहत दी थी। लेकिन क्वांटम में पढ़ने वाले छात्रों को कोई राहत नहीं मिली और क्वांटम में पढ़ने वाले छात्रों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
.
टैग: बिलासपुर खबर, छत्तीसगढ़ खबर, शिक्षा, स्थानीय18
पहले प्रकाशित : 27 सितंबर, 2023, 17:24 IST
