सफलता की कहानी: सिविल सेवा परीक्षा दवा लेने के लिए सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। कुछ लोगों को इसे पास करने में एक साल से भी ज्यादा समय लग जाता है, जबकि कुछ लोगों को इसे बिना किसी कोचिंग के भी पास कर लिया जाता है। यूपीएससी जेईसी परीक्षा को पास करने के लिए बहुत अधिक प्रतिज्ञा और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। ऐसी ही एक कहानी है आईएएस पुष्पलता की, चाहत है बेहतरीन रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की।
आईएएस पुष्पलता यादव मूल रूप से हरियाणा के आदर्श जिले के एक छोटे से गांव खुसबूरा की रहने वाली हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई. इसके बाद उन्होंने बी.एस.सी. और ग्रेजुएशन के बाद एमबीए की पढ़ाई की। पुष्पलता ने दो साल तक निजी क्षेत्र में काम करना शुरू किया और उन्हें स्टेट बैंक ऑफ रेजिडेंट में नामांकित प्रबंधक के रूप में चुना गया।
शादी के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू
बाद में उन्होंने ली से शादी कर ली और मानेसर में निवास किया। जब उनका 2 साल का बेटा था, तब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के लिए फिर से पदवी के बारे में सोचा। उन्होंने लगभग 4 साल तक यूपीएससी पेपर मास्टर की तैयारी की और अपने पूरे परिवार का साथ दिया। आख़िरकार उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा का पेपर पास करके सफलता प्राप्त की और उन्हें AIR 80 प्राप्त हुआ।
तीसरे प्रयास में यूपीएससी में सफलता हासिल की
जब वह पढ़ाई में शामिल हुईं तो अपने पति और बेटों की देखभाल कर रही थीं ताकि उनकी पत्नी ध्यान केंद्रित कर सकें। वह सुबह 4 बजे उठती थी और कुछ देर की पढ़ाई करती थी और फिर अपने बच्चे को स्कूल भेजती थी और उसके बाद की पढ़ाई करती थी। स्कूल से आने के बाद उसने उससे सुला कर पढ़ाई की थी। वह दो बार लिस्ट हुई लेकिन इससे वह हतोत्साहित नहीं हुई। उन्होंने अध्ययन जारी किया और भी अधिक ध्यान केन्द्रित किया। तीसरे वर्ष में उन्होंने अंततः नशे की हालत में परीक्षा दी और वर्ष 2017 में 80 वें स्थान पर पहुंच गए।
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पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 08:08 IST
