नई दिल्ली। उप-सख्तपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बिना नाम के फ़्रांसीसी-इशारों में राज अर्थशास्त्री के वकील अशोक अंबानी की नौकरी की। माँ लक्षनगढ़ में एक सभा को सज़ा रते हुए डूबत ने कहा कि राज़ अभिशाप के कार्यालय में मेरी संगति में आना पसंद नहीं है। वो मेरे कहते हैं कि योन रे बार-बार आते हैं। आढ़ती ने जवाबी हमला करते हुए अपने अंदाज में कहा कि अगर संविधान को थोड़ा पढ़ो तो ये सवाल नहीं है. कुछ दिन पहले अशोक अशोक ने एक जादूगर के दौरान उप राष्ट्रपति पद के दौरे पर कहा था कि बार- यहां आने का कोई तुक नहीं है।
उप प्रधान पति जगदीप धनकड़ ने इसपर कहा, ‘मैं पहले भी कई जगह गया था, पर कुछ लोगों ने कहा था कि आप लोग बार-बार आते हैं। मैं थोड़ा अचंभित हो गया, जिसे पढ़ने वालों ने न तो संविधान को पढ़ा, न कानून को पढ़ा और न ही अपने पद पर प्रतिबंध लगाया। कानून को अगर हुंकार लें तो पता चला कि भारत के उप निरीक्षक पति की कोई भी यात्रा अचानक नहीं हुई। बड़ी सोच-विचार और मन्थन के बाद होती है। बस कह दिया कि आपका आना ठीक नहीं है।’
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शेरो-शायरी में दिया जवाब
उप प्रधान पति जगदीप धनकड़ ने आगे कहा, ”किस कानून के तहत यह कहा गया, यह पता नहीं।” बावलीसभा में शेरो-शायरी होती है। रास्ते में मैंने भी एक छोटी सी कविता लिखी। मैंने आपका साथ शेयरिंग सामान खरीदा। कविता को पढ़ने से पहले मुझे एक गजल याद आ गई. ‘जिंदगी से बड़ी कोई सज़ा भी नहीं और जुर्म का पता भी नहीं।’ ये ग़ज़ल है. इसी की भविष्यवाणी पर यथास्थिति मुझे पीड़ित महसूस करके। मुझे इस मामले में रेखाचित्र खींचना. मेरा काम तो संविधान सम्मत था. जनता के कल्याण के लिए था…”
#घड़ी | लक्ष्मणगढ़, राजस्थान: सीएम अशोक गहलोत के बयान पर उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ का कहना है, ”कुछ लोग कह रहे हैं कि आप बार-बार यहां क्यों आ रहे हैं… मुझे उम्मीद नहीं है, सत्ता में बैठे लोग संवैधानिक पदों को हल्के में लेंगे। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है… pic.twitter.com/AJ7sL6IkOX
– एएनआई (@ANI) 6 अक्टूबर 2023
उप प्रधान पति ने कहा कि संवैधानिक स्थिर बैठे लोगों का सम्मान होना चाहिए और हम सभी को एकजुट होकर, हाथ में हाथ डालकर, सहयोग और सहयोग के साथ आम सहमति के दृष्टिकोण से बड़े पैमाने पर लोगों की सेवा करनी होगी।
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पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 17:50 IST
