Homeमनोरंजन71 साल पहले पंजाब से गाजियाबाद में प्लास्टिक की दुकान, आज यहां...

71 साल पहले पंजाब से गाजियाबाद में प्लास्टिक की दुकान, आज यहां की लस्सी और रबड़ी के दीवाने हैं लोग


विशाल झा/गाजियाबादःदिल्ली से सटे गाज़ियाबाद में भी जायकों की कमी नहीं है। फ़ार्म लवर्स के लिए ग़ाज़ियाबाद का एक शानदार प्रदर्शन है। खाने की हो और लस्सी का ज़िक्र ना हो तो बात अधूरी है. लेकिन क्या आपने कभी मिल्क केक पर मलाई की मोटी परत का लुफ्त लिया है? अगरसेन मार्केट की तेली वाली गली में आएं तो आप भी लोकनाथ हलवाई के यहां आनंद ले सकते हैं।

ग़ाज़ियाबाद में गर्मी का मौसम हो या फिर समुद्र का मौसम। लस्सी के शौकीन लोकनाथ की दुकान का रुख है। हालांकि यहां लस्सी के अलावा मिल्क केक, रस मलाई, रबड़ी दूध से बनी मिठाइयां भी मौजूद हैं। मास्टर आर्टिस्ट ने बताया कि मलाई स्टाकिस्ट स्टिलिन में जाने पर ग्राहक काफी खुश होते हैं। इसलिए ये दुकान का खास जायका भी है.

लोकनाथ हलवाई स्टोर की इनसाइड स्टोरी
साल 1952 में इस दुकान की शुरुआत लोकनाथ ने की थी। वह पंजाब से यहां तक ​​कि अब लोकनाथ जीवित नहीं हैं। लेकिन उनकी मान्यताएं आज भी उनके नाम और स्वाद को बरकरार रखती हैं।पुराने समय से ही देसी और शुद्ध दूध से ही मिठाई और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं।

स्वाद का गाजियाबाद में कोई मुकाबला नहीं
यहां रबरी का लुफ्त उठाव के ग्राहक सुधांशु ने बताया कि इस दुकान के स्वाद का गाजियाबाद में कोई टकराव नहीं है। यहां काफी ओरिजिनल फिलिंग आती है, रबरी में उत्पाद नहीं होता, बल्कि मुंह में जाता ही पिघल जाता है। ठीक इसी तरह लस्सी भी काफी गाढ़ी और मलाईदार होती है।

दूध केक के दाम 500 पनीर के टुकड़े
यहां लस्सी का छोटा ग्लास 40 पिज्जा का है, और बड़ा ग्लास – 5 पिज्जा का जिसमें आपको डॉर्टफ्रूट, रूअफजा आदि मिलता है। मिल्ककेक के दाम 500 पिज्जा किलो है. अगर आप भी यहां पुरानी लस्सी और रबड़ी चखना चाहते हैं तो नई बस स्टैम्प से घंटाघर मार्केट से टेम्पो, कैरिकेचर ले सकते हैं।

टैग: खाना, भोजन 18, गाजियाबाद समाचार, हिंदी समाचार, स्थानीय18, यूपी खबर



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img