भास्कर ठाकुर/सीतामढ़ी: देश के किसानों को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक बीजों को उगाने के अलावा भी कई प्रकार के फल और औषधीय पौधे उगाए जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे फल की जिसे ड्रैगन लाइक के नाम से जाना जाता है। बिहार के गणितज्ञ में भी एक किसान ने ड्रैगन की खेती की है। किसान अपनी खेती आर्गेनिक तरीके से कर रहे हैं। बाजार में भी ड्रैगन खिलौने की मांग बढ़ रही है, इसलिए किसानों को इस फल से अच्छी कमाई होती है। यूनिवर्सिटा जिले के फरखाहियां गांव में रहने वाले किसान सुनील कुमार ने पांच कत्थे में ड्रैगन के खिलौने के पेड़ लगाए हैं। इन खेतों में 350 से अधिक ड्रैगन के चित्र के उपाय हैं। सुनील इससे फल भी प्राप्त कर रहे हैं। ड्रैगन की खेती करने वाले सुनील जिले में अकेले किसान हैं
किसान सुनील कुमार ने बताया कि ड्रैगन की खेती करने का आइडिया सोशल मीडिया से मिला। वहीं से इसकी खेती से जुड़ी जानकारी मिली। रावतें ने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर सबसे बड़ी पाठशाला है, जहां हर खेती से जुड़ी जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि पांच कत्थे में 350 से अधिक ड्रैगन की खेती के उपाय बताए गए हैं। सभी उपचार तीन साल तक चले। 15 महीने में इलाज का फल लग गया। पूरी तरह से तैयार होने में 5 साल का समय लगता है। पिछले साल से ही फल आना शुरू हुआ है. सुनील का मानना है कि लकड़ी के टुकड़े, धान या अन्य तरह की खेती में उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं होता है। एक बार की लागत के बाद पूरे 25 साल तक फल प्राप्त होता रहेगा।
पोषक तत्वों से भरपूर ड्रैगन फ़्लोरिडा
उन्होंने बताया कि पेड़ों में किसी तरह के रासायनिक खाद का उपयोग करने के बजाय जैविक तरीकों से खेती की जाती है। ड्रैगन ड्रैगन 10 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस तक में बेहतर फल देता है। तापमान इससे भी अधिक होता है तो फंगस लीज का डर रहता है। इस फल को फंगस से बचाना बेहद जरूरी है। ड्रैगन रेज़्युएटिव सेपरेशन होता है। इसमें मौजूद औषधीय प्रकार के विटामिन हमारे शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। यह फल मधुमेह और कैंसर सुपरमार्केट की दुकान को कम करता है। साथ ही यह इम्युनिटी बूस्टर का भी काम करता है। इस फल के सेवन से ब्लड उपकरण नियंत्रित रहता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा पाई जाती है। यह बाल डेल से रोक के साथ त्वचा को सुंदर बनाने में सहायक है, इसे भी नियंत्रण में रखने में सहायक है।
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पहले प्रकाशित : 7 अक्टूबर, 2023, 17:31 IST
