मनीष कुमार/कटिहार : वैसे तो लिट्टी बिहार का नाम है. पर आपने यूपी वाली लिट्टी का स्वाद चखा है। अगर नहीं तो व्यावसायिक मित्र. इन दिनों यूपी के लिट्टी वाले का काफी क्रेज़ है। स्वाद के साथ-साथ तेल मुक्त होने के कारण यह लिट्टी लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।
अंगीठी पर पकाए गए इस लिट्टी का स्वाद मुख्यमंत्री पूर्व यादव जब रेल मंत्री थे तब चाख खा गए थे। डाउनटाउन मार्ग कोर्ट परिसर के बाहरी गेट के सामने गौतम यादव की दुकान है। यहां पर सिर्फ आम लोग ही नहीं बल्कि खास लोगों का भी जमावड़ा होता है. कुछ कपड़े अधिकारी तो बा कायदे यहां से पैक करवा कर लिट्टी जमा करते हैं।
40 साल से लोग खा रहे हैं स्वाद
यूपी से बलिया आये गौतम यादव पिछले 40 वर्षों से यहां पर बड़ीखाई में आग में सेकीहुइलीट्टी बेच रहे हैं। 10 रु प्रति पीस कीदर से यह सामग्री मिलती है। लिट्टी बनाने के लिए वह आटे का प्रयोग करते हैं। इसमें सत्तू, अचार का मसाला और कई स्वाद मसाले भी बनाए जाते हैं। इसके अलावा आलू- बैगन का चोखा, सरसों के स्पेशल चिप्स और प्याज के स्वाद को चौगुना कर देता है. शुद्ध घी में डूबो दिया जाता है. ऐसे में अगर आप शुद्ध स्वादिष्ट तेल फ्री लिट्टी का आनंद लेते हैं तो आपको शुद्ध स्वादिष्ट तेल रोड के कोर्ट परिसर के बाहर वाले गेट के सामने गौतम यादव की इस दुकान तक आना होगा।
प्रतिदिन 10 केजी रेस्तरां की होती है आबादी
यादव गौतम का कहना है कि उनके यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रहक सैनिक हैं। जबकि प्रतिदिन 10 कि. वह कहते हैं कि यहां के लोग कई वर्षों तक उन्हें प्यार करते हैं और उनकी मदद करते हैं। इसलिए वह इस बिजनेस से काफी अलग हैं। वहीं खा रहे कुछ सपनों का भी कहना है कि लिट्टी ऑयल फ्री होने के कारण सेहत के लिए भी काफी कमाल के हैं। इसलिए यहां अक्सर कई ग्राहक यहां के लिट्टी और चोखा का आनंद जरूर लेते हैं।
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पहले प्रकाशित : 7 अक्टूबर, 2023, 10:28 IST
