
6G तकनीक से कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भारत में 6G तकनीक: भारत में इंटरनेट के क्षेत्र में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। करीब एक साल का ही समय था जब देश में 5G लॉन्च किया गया था। देश के हर कोने में तेजी से आइडिया लेकर 5G की सेवा पहुंचाई जा रही है। 5G के बाद अब भारत ने 6G की तैयारी भी शुरू कर दी है। टेलिकॉम के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भारत ने अपनी पहली 6G लैब शुरू की है। देश की पहली 6G लैब की शुरुआत नोकिया ने की थी। इस लैब का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया है।
फिनलैंड की कंपनी नोकिया द्वारा शुरू की गई 6G लैब का उद्देश्य भारत में 6G टेक्नोलॉजी के फंडामेंटल टेक्नोलॉजी को तैयार करना है। माना जा रहा है कि नोकिया की यह 6जी लैब ग्लोबल स्टैंडर्ट को सपोर्ट कंपनी है।
इस लैब के शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने सभी भारतीयों के जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला है। भारत को इनोवेशन का हब बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक प्रमुख विजन है और इसके लिए जरूरी है कि भारत में नई तकनीक का विकास हो और 6जी लैब की शुरुआत हो, यह एक प्रमुख कदम है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में 6जी टेक्नोलॉजी, औद्योगिक क्षेत्र के साथ कई प्रमुख सेक्टर में एक बड़ा रोल प्ले किया जाएगा और इसमें कई साथियों को पूरा किया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी की मदद से स्वास्थ्य, एजू किचन, ब्रीथिंग, ट्रांसपोर्ट जैसे कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 6जी तकनीक भारत के विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।
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