रजत भट्ट/गोरखपुर: यहां कई ऐसी बीमारियां फैली हुई हैं, जो लोगों को अपनी जांच में ले रही हैं। डॉक्टर्स प्रमाणित करने के लिए कई प्रयोगशालाओं के बारे में जानकारी भी देते हैं। वहीं, गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने चित्रण के माध्यम से यह पता लगाया कि इन दिनों यंग जेनरेशन सबसे ज्यादा हिप पोकैंपस की तलाश में हो रहे हैं।
ऐसी ही एक बीमारी है बार-बार शराब पीना, जिसमें कई चीजें भूल जाने की आदत बन जाती है। इन दिनों युवा हिप्पोकैम्पस के शिकार हो रहे हैं। वहीं गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर तापस आइच कहते हैं कि हिप्पोकैम्पस का काम इंसानों के दिमाग में यादों को स्टोर करके रखा जाता है।
इस कारण से बढ़ रहा है खतरा
लेकिन, जिस तरह से इस समय युवा शराब पीने का शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि युवाओं में हिप्पोकैम्पस की समस्या बढ़ रही है। शराब में मौजूद एल्कोहल और एथेनॉल स्ट्रेन्थ दिमाग पर प्रभाव डालता है, जिसके कारण हिप्पोकैम्पस काम करना बंद कर देता है और युवाओं के दिमाग पर इसका काफी असर होता है और वो अनिद्रा को भूल जाते हैं।
खासकर युवा हो रहे शिकार
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर तापसच ने 20 से 40 वर्ष की उम्र में लगभग 400 लोगों की टीम बनाकर एक टीम बनाई। वहीं बाद में जब उनकी बात चली तो सामने निकल कर आया कि वह हिप्पोकैम्पस का शिकार करने आया है। वहीं युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है.
इस तरह करें बचाव
डॉक्टर हैं कि इससे मुक्ति के लिए शराब पीना बंद करना होगा। साथ ही योग व्यायाम और खोज करना होगा। प्रोटीन वाली चीज़ खानी आइटम. पिछले कुछ समय से युवाओं में अल्जाइमर की भी शिकायत आई है। वहीं इन एस्टेबिलिटी को ठीक करके सही किया जा सकता है।
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पहले प्रकाशित : 11 अक्टूबर, 2023, 16:25 IST
