रामकुमार नायक, रायपुरः शास्त्रों में सूर्य ग्रह और चंद्र ग्रह का विशेष महत्व है, पंचांग के अनुसार, हर एक साल में सूर्य और चंद्र ग्रह जरूर दिखते हैं। जब-जब सूर्य या चन्द्र ग्रहण करता है, तो इसका प्रभाव सभी लोगों के जीवन पर पड़ता है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण की घटना को महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि, साल 2023 का अगला सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 दिन शनिवार को लगा.
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि, हिन्दू धर्म के सिद्धांत के अनुसार, ग्रहण के सूतक काल का बड़ा महत्व होता है। इसलिए इस दौरान कुछ भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हिन्दू धर्म में ग्रहण करना सबसे बड़ा महत्व है। खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी सूर्य और के बीच से मिलता जुलता है, तो सूरज की रोशनी धरती तक नहीं पहुँचती। इसे ही सूर्य ग्रहण का नाम दिया गया है.
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि, अशुभ तिथि के दिन सूर्य ग्रहण होता है। इस विश्व बार के भूगोल में आगामी शनिवार 14 अक्टूबर 2023 अशुभ तिथि के दिन सूर्य ग्रह बताया गया है। लेकिन यह हमारे भारत देश में दिखाई नहीं देगा। यह सूर्य ग्रहण अमेरिका, अफ्रीका सहित अन्य देशों में चंद्रमा की चोटी में बहुत छोटी देवी दिखाई देती हैं।
आपको बता दें कि भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा, इसलिए किसी प्रकार का नियम इस दिन मान्य नहीं है। इस दिन की बिदाई इस दिन भी सामान्य रहेगी, ये भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.
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पहले प्रकाशित : 12 अक्टूबर, 2023, 16:39 IST
