तृप्ति यादव/प्रयागराज: मोटे अनाजों से बने मसालों का चलन बढ़ रहा है। बाजरे से बनी मिठाई पूरी, हलवा, रबड़ी के कई आँकड़े पर मिलेंगे। समोसा खस्ता दही बड़ा, कुरकुरा, लोध, बर्फी और बिस्किट भी उपलब्ध है। अभी तक यह व्यंजन महंगे के कारण कुछ स्टैमिना पर मिल रहा था, लेकिन सरकार जिस तरह से हो रही है, उससे पहले आने वाले दिनों में इसके बहुलांश में अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। में मन्ना का पर्चा मिल जाएगा। ये लोधी पूरी तरह से शुगर मुक्त है और मोटे अनाजों से बनाए गए हैं।
मिनी मिल्स के मालिक अमूल गुप्ता ने नेस्ले, अपोलो चाक, डोमिनोज, अमेज़ॅन इंडिया में फर्म टेक्नोलॉजी में फर्म बनाने के बाद लगभग 10 साल बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। मूल सुझाव हैं कि इस समय सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्होंने स्वीटनर पर मिठाई बनाई है। मेरिका आर्टिफ़िशियल सूचना एलेक्ज़ेंडर नहीं किया गया है। हर लोधी की जो सेफ लाइफ है वह 3 महीने की है और उसकी इनेबल लाइफ का परीक्षण किया गया है।
अनेक प्रकार के लोध बनाये जाते हैं
उन्होंने डॉक्युमेंट की मिठाई से ही मिठाइयां बनाई हैं। जिसमें उन्होंने किसी के आधार पर कोई काजू की साजिश रची है। इसमें कोई भी प्रिजर्वेटिव एलेक्श नहीं किया गया। वे अनाज पर भी मिठाइयाँ बनाते हैं जैसे कि रागी के आटे से बनाया जाता है। कैल्शियम की मात्रा अच्छी होती है और यह सत्तू के लोथ से बना होता है जो दिलो दिमाग को ठंडा करता है। कॉलेज के छात्र जो ब्लड सप्लाई को नियंत्रित करते हैं। चॉकलेट मोल्ड्स जो हमारा चॉकलेट स्टॉक चेक करता है। आपको अमेज़ॅन, मीशो और लोकल पर स्विगी जोमैटो से मिल जाएगा।
क्यूँ शुगर फ्री मिठाई ही बनाई गई
अमोल गुप्ता कहते हैं कि उनके मां-बाप कर्मचारी थे। जब भी घर में मिठाई आई थी तो वह कई दिनों तक पड़ा रह गया था। इसके चलते वह सोचे की शुगर फ्री मिठाई को तोड़ देती हैं, जिससे मां-बाप भी आसानी से मिठाई खा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने योजना बनाई कि हम जो भी मीठा मिर्च, शुगर मुक्त के साथ-साथ मोटे अनाज से तैयार करेंगे जो स्वास्थ्य के लिए काफी चमत्कारी होता है। छात्र हैं कि यूक्रेन में शुगर फ्री मिठाई बहुत ही काम की सुपरमार्केट पर उपलब्ध है।
दीपावली से पहले हुई प्रीस्कूल
दीपावली से पहले अमोल गुप्ता के मिनी मिल शॉप पर 10 कुंतल अनाज अनाज से तैयार हो चुका है। जिसमें वह दीपावली में शामिल होंगे। अमूल गुप्ता कहते हैं कि उनकी लोध की डिजायनर धीरे-धीरे इतनी बढ़ रही है कि लोग अब ऑफलाइन पार्टनर हैं। इनमें से एक लाडडू, नोएडा के सचिवालय के अधिकारियों को भी बहुत अच्छा लगता है। वह अभी फोन करके लोध मांगते रहते हैं।
.
टैग: खाना, भोजन 18, हिंदी समाचार, स्थानीय18
पहले प्रकाशित : 13 अक्टूबर, 2023, 14:48 IST
