अनूप/कोरबाः शरदीय नवरात्रि का अंतिम अंतिम चरण है, वहीं नवरात्रि में देवी के प्रति भक्ति के लिए भक्तगण गरबा भी करते हैं। इन सब के बीच कोरबा में ऐसा पहली बार हुआ कि गरबा परिसर में भीड़भाड़ वाली जगह पर महिला बाउंसरों की स्मारक होगी। आप सोच सकते हैं कि पूजा पाठ वाली जगह पर अंतिम बाउंसर क्या करेंगे। लोगों का इस तरह से तालमेल भी सही हो सकता है।
इस वर्ष महोत्सव में महानगरों की फोर्स कोरबा में भी विशेष कर महिला बाउंसर्स की सांस्कृतिक समितियां की जा रही है। समितियों का मानना है कि गरबा में भीड़भाड़ के दौरान कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है, इसे लेकर साकत्ता समिति द्वारा इस प्रकार का निर्णय लिया गया है। हालाँकि भक्तिमय समुद्र तट में शराब पीकर खलल खोदने वाले मनचलों से भव्यता के लिए महिला बाउंसर तैयार है।
महिला बाउंसरों की पोर्टफोलियो में दुकानें
पिछले वर्ष की बात करें, तो नवरात्रि में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद महिला बाउंसरों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, जिससे भक्तिमय भाव में कोई खलल पैदा न हो सके। आपको बताएं कि निवेशक प्रताप नगर दुर्गा पूजा समिति द्वारा भी 9 दिन तक गरबा ढाँचा चलता रहता है, और यहां भी काफी संख्या में बच्चों से लेकर युवा और उम्रदराज़ लोग शामिल होते हैं। समिति ने महिला बाउंसर से बचने के लिए यह सुनिश्चित किया है। कोरबा में समतियों ने तीन महिलाओं और तीन पुरुष बाउंसरों को शामिल करने का फैसला किया है।
नोट ने तय किये नये नियम
यह खबर प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों के परिसर में गरबा आयोजन के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें शामिल है नौसेना में अपनी भागीदारी के दौरान कई प्रकार के छात्रों का नामांकन अनिवार्य रूप से करना होगा। क्योंकि समितियों के द्वारा जो नियम तय किये गये हैं, उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी वॉलिंटियर्स के बजाय बाउंसर की होगी। ऐसे में किसी भी मोटरसाइकिल स्थिति से बचने के लिए हर किसी को अपने स्तर पर समझदारी का परिचय देना ही होगा।
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पहले प्रकाशित : 13 अक्टूबर, 2023, 15:36 IST
