रामकुमार नायक, रायपुरः आपने कई रहस्यमयी किस्से सुने होंगे, लेकिन हम आपको एक रिपोर्ट के बारे में बता रहे हैं, जो रहस्यमय तो नहीं है लेकिन बेहद खस्ता है। खास इसलिए क्योंकि महात्मा गांधी जी ने छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान इसी तरह की योजनाओं से पानी पिया था। यह कुआं सच में बहुत ही खास और यादगार है।
जब देश आजाद हुआ तो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिवस की रात मेहनत कर रहे थे। तब महात्मा गांधी जी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर क्षेत्र थे। महात्मा गांधी से शांति के खिलाफ वहां आंदोलन कर रहे थे। बौद्ध विरोधी आंदोलन के तहत एक दलित कन्या के हाथों से पानी भी पिया था, और वह पानी आधारित लैपटॉप का था. जिस सिस्टम के पानी ने महात्मा गांधी को पानी पिया था, उस प्रोटोटाइप को आज भी संजोय कर रखा गया है।
यथार्थवादी की जानें
इस सिद्धांत के बारे में जातू साव मठ मंदिर के सचिव महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सन 1953 – 56 के बीच में जब अकाल पड़ा था, तब उस समय पॉपुलैरिटी में लोगों को पानी की बहुत समस्या हुई थी। यह कुँआ कभी सूखा नहीं है. इसमें पहले निर्माण के समय लेबल लेबल पानी था, आज एक इंच पानी का लेबल डाउनलोड नहीं हुआ है।
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पहले प्रकाशित : 13 अक्टूबर, 2023, 11:05 IST
