अभी अब तक कोरोना वायरस जैसी महामारी को देख दुनिया के लिए नया खतरा पैदा हो गया है। इस बार कोई भी वायरस नहीं बल्कि बैक प्लैटिरिया लोगों को अपनी प्लास्टिक में ले जा सकता है। ख़तरे की सबसे बड़ी बात ये है कि अभी तक मौजूद बैक फ़्लैटीरिया के बने लगभग सभी पुराने एंटीबायोटिक सस्पेंशन अब ख़त्म होते जा रहे हैं। एंटीबायोटिक दवाइयों के प्रति रेजिडेंट एस्ट्रेटामेंट होते जा रहे हैं बैक्फ्लिटेरिया अपने विचित्र मैकेनिज माहामा के कारण एक बेकार पहेली बन गए हैं। हालांकि इसी को लेकर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के ट्रामा सेंटर ने मदरडी की है।
इस बारे में एम.एन.एल.ए. ट्रामा सेंटर के अधोगम्य डॉ. कामरान फ़ारुकी ने बताया कि एम् उथल-पुथल की ओर से 2019 में 12 लाख लोगों की मृत्यु के बाद अधोगतियन में मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार के बैक प्लांटीरिया का हमला जिन पर किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवा का असर नहीं हुआ। ये बैकलिस्टेरिया एंटी साइंटिस्ट दवाओं के प्रति रेजिडेंट एजेंट हो गए थे और लगभग बैग बन गए थे।
स्कूटर ने बताया कि बैक प्लास्टिरिया के संक्रमण से मृतकों की आम तौर पर एड्स या मलेरियल जैसी बस्ती होने वाली थी। बैक प्लांटिरिया की इस स्थिति को मेडिकल क्षेत्र में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस कहा जाता है। यह स्थिति तब दिखाई देती है जब कोई बैक प्लास्टिक, फंगस, वायरस या पैरा साइट बैग या सुपर बैग बनता है, वह समय पर अपना रूप दिखाता है और उसके खिलाफ काम नहीं करता है। यह स्थिति काफी खतरनाक होती है इस स्थिति में बीमारी का इलाज नहीं होता है और मरीज की मृत्यु हो जाती है।
ट्रामा सेंटर की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार 90 प्रतिशत हेल्थकेयर एसोसिएटेड इंफे फ़्रैक्शन में शामिल हैं कि बैक फ़्लैटीरियल इन्फेक्शन फ़्रैक्शन में सबसे अधिक मात्रा में होते हैं, एलसीडिएटेड स्टिमिलैड स्कीमीम इन्फ फ़्रैक्शन, यूरिनरी टीआर एसोसिएटेड इन फ़्रैम फ़्रैक्शन, वेंटीलेटर एसोसिएटेड मिया और सर्जरी साइट इनफ़े फ़्रैक्शन होते हैं।
बता दें कि एम.एन.एल.के. के.एन. ट्रामा सेंटर ने पहली बार एच.एच.एम. डीवीडी आधारित बड़े पैमाने पर दस्तावेज़, जिला अस्पताल, मेडिकल स्टूडियो, आईआईएमए के साथ मिलकर इन्फ़र्ट फ़्रैंचाइज़ेशन कंट्रोल के लिए डीवीडी आधारित डेटा स्टूडियो की जा रही है। इसलिए बैक अस्थमा के लिए नई एंटीबायोटिक औषधि बनाई जा सकती है।
विश्वसनीयता है कि विशेषज्ञ विशेषज्ञ कंसल्टेंसी के सुपर बैग बनने को लेकर चिंता व्यक्त करते आ रहे हैं। एंटीबायोटिक के प्रति-रेजिडेंट हो रहे हैं बैकफुटरिया मोटापा हो सकता है।
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पहले प्रकाशित : 14 अक्टूबर, 2023, 17:45 IST
