आदित्य कृष्ण/अमेठी। यहां के विभिन्न देशों में कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। सरसों में लिट्टी चोखा की एक प्रसिद्ध दुकान लोगों के शेयरों पर राज कर रही है। यहां के लिट्टी चोखा का स्वाद भी लाजवाब है, शहर में ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी इस मशहूर लिट्टी चोखा की दुकान पर स्वाद का तड़का लगाने आते हैं. यहां देसी अंदाज में लिट्टी चोखा के साथ दाल का अचार और सिरका होता है।
लिट्टी चोखा रेस्तरां गौरीगंज शहर के मोज़ाकिया सुल्तानपुर मार्ग पर गौरीगंज शहर का नया बस स्टॉप खुला है। सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक यह पता चलता है। ख़ास बात यह है कि रेस्तरां में आने वाले दर्शकों को मिट्टी के बर्तनों में लिट्टी चोखा का स्वाद मिलता है। शुद्ध देसी घी के साथ जाने वाले लिट्टी चोखा का स्वाद बेहद लाजवाब है। कहते हैं एक बार जो कस्टमर यहां आता है, वह लिट्टी चोखा खाता है और कहीं नहीं जाता।
ऐसे होती है तैयारी
विद्वान श्री राम जोशी ने बताया कि बाटी को सबसे पहले तैयार करने के लिए लकड़ी जलाई जाती है फिर बाटी बनाई जाती है। 20 मिनट बाद जब वो पाक जाता है तो उसे साफ कर लिया जाता है जिसमें फिर मसाला भर के उसे देसी घी के साथ विश्वसनीय माना जाता है। विशेष लिट्टी चोखा रोमांच को मिट्टी के बर्तनों में डाला जाता है। इस दुकान पर नरम थाली की कीमत 30 रुपये है जबकि एक बाटी की कीमत 15 रुपये है। दुकान पर लिट्टी चोखा के अलावा दाल चावल भी 50 रुपये थाली में मिलता है।
सुंदरता का पूरा ध्यान रखा जाता है
विद्वान श्रीराम जोशी ने बताया कि यह पूरी तरह से गणेश को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। स्वास्थ्य के लिए भी यह बढ़िया है. यह इंवेट को बहुत पसंद आता है. अधिकारी से लेकर आम आदमी तक को पसंद करते हैं और इस व्यवसाय से हम रोजाना 2 से मजबूती से हजार रुपये तक का नुकसान करते हैं।
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पहले प्रकाशित : 18 अक्टूबर, 2023, 15:43 IST
