अनूप/कोरबाः गुजरात की धरती से लेकर देश और दुनिया में विशेष पहचान बन चुकी है गरबा उत्सव हर जगह धूम मचाए हुए हैं। नवरात्र के 9 दिन तक होने वाले इस उत्सव में बड़ी संख्या में बच्चे लेकर युवा और बुजुर्ग भी अपनी-अपनी भागीदारी में शामिल हैं। गरबा के लिए पारंपरिक शैली की विशेष मांग कोरबा में बनी हुई है। नवरात्रि के नौ दिनों की शाम होते ही शहर में कहीं न कहीं गुजराती पुतलियों में युवक-युवतियां नजर आने लगती हैं। ये एक बात तो साफ है, कि नवरात्रि के दौरान वाला गरबा को युवा पीढ़ी आगे बढ़ा रही है, और साथ में गुजराती शायरी परिधानों से लेकर भारतीय परिधानों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
शहर में इन दिनों गरबे की धूम मची हुई है, एक दौर था जब लोग टी-सार्ट और स्टैंड-अलोन सह-अस्तित्व में गरबा ग्राउंड में प्रवेश कर गए थे, लेकिन ये दोनों पारंपरिक शायरियां युवाओं और युवतियों को काफी पसंद आ रही हैं।
गरबा के लिए गुजराती पुतलियों की सजावट
कपड़ा व्यवसाय श्रद्धा जी ने बताया कि काफी दिनों से कपड़ों का व्यापार कर रही हैं। सबसे पहले नवरात्र के समय लोग शिष्टमंडल अकेले भी गरबा करते थे, लेकिन अब लोग अपनी परंपरा और संस्कृति को बचाए रखने के प्रति सजग हो गए हैं। इस साल काफी मात्रा में नवयुवक और युवतियां गुजराती बुक्स लेने की दुकान तक पहुंच रही हैं। जिससे इक्विपमेंट को भी अच्छी कमाई हो रही है।
एक दौर में जब युवा वर्ग भारतीय प्रतिभागियों को पहनकर गरबा करना पसंद नहीं करता था लेकिन आज के समय में युवा वर्ग भी काफी संख्या में गुजराती प्रतिभागियों को लेकर दुकान पर पहुंच रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 18 अक्टूबर, 2023, 15:38 IST
