शादी का मौसम: इसके बाद जापान का शुभ मौसम भी शुरू होने वाला है। पहले आयातौहार और फिर विवाह समारोहों के लिए होने वाली दुकानों के लिए पूरे देश भर के उद्यमियों को शामिल किया गया। इसके तुरंत बाद नए सिरे से सीजन शुरू होने से इस बार बड़े कारोबार की उम्मीद लगाई जा रही है। बता दें कि इस साल 23 नवंबर को देव उठान का थर्ड पार्टी सीजन 15 दिसंबर से शुरू होकर अगले तक चलेगा।
एक अनुमान के अनुसार इस अवधि के दौरान देश भर में लगभग 35 लाख करोड़ रुपये का बड़ा खर्च होने की संभावना है, जिसमें शादी की खरीदारी और शादी से संबंधित कई प्रकार की सेवाओं के माध्यम से लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये का बड़ा खर्च होने की संभावना है।
कनाडाई ट्रेडर्स ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय पंडित प्रवीण खंडेलवाल ने हाल ही में देश के 20 प्रमुख शहरों की कंपनियों और सेवा प्रदाताओं के साथ एक सर्वेक्षण में बातचीत की। अकेले दिल्ली में इस सीजन में 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले साल इसी अवधि में करीब 32 लाख शादियाँ बनीं और खर्चा 3.75 लाख करोड़ रुपये आंका गया था।
कैट की आध्यात्मिक एवं वैदिक ज्ञान समिति के अध्यक्ष वैदिक विद्वान आचार्य दुर्गेश तारे ने बताया कि नक्षत्रों की गणना नवंबर में विवाह की तारीखें 23,24,27,28,29 के अनुसार होती है जबकि दिसंबर माह में 3,4,7,8,9 और 15 तारीखें विवाह के लिए शुभ दिन हैं। उसके बाद, तारा एक महीने के लिए मध्य जनवरी तक डूब जाएगा और फिर मध्य जनवरी से शुभ दिन शुरू हो जाएगा।
भारतीय और खंडेलवाल ने बताया कि इस शादी के सीजन में प्रति शादी करीब 6 लाख, प्रति शादी करीब 3 लाख रुपये का खर्च आएगा, जबकि 10 लाख रुपये प्रति शादी में करीब 6 लाख, 12 लाख रुपये का खर्च आएगा। प्रति विवाह में लगभग 10 लाख खर्च होंगे, 6 लाख प्रति विवाह में 25 लाख खर्च होंगे, 50 हजार प्रति विवाह में 50 लाख खर्च होंगे और 50 हजार विवाह समारोह में लगभग 1 करोड़ या उससे अधिक पैसे खर्च होंगे। कुल मिलाकर इस एक महीने में शादी के सीजन में शादी की खरीदारी से करीब 4.25 लाख करोड़ रुपये का प्रवाह होगा। शादी के सीज़न का अगला चरण जनवरी के मध्य से शुरू होगा और जुलाई तक रिलीज़ रहेगा।
भरतीय और खंडेलवाल ने कहा कि शादी के सीजन में बिजनेस की अच्छी कंपनी को देखते हुए एयरटेल के दिग्गजों ने बड़े पैमाने पर पार्टिसिपेट किया है। विश्विद्यालय की भीड़ अपने-अपने यहां व्यापारियों को देखने के लिए सभी व्यवस्थाएं तलाश रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवाह का लगभग 20 प्रतिशत खर्च युगल-दुल्हन पक्ष को दिया जाता है जबकि 80 प्रतिशत व्यय विवाह स्टॉक में काम करने वाली अन्य तीसरी फिल्म को रखा जाता है।
इतना ही नहीं शादी के सीजन से पहले घर की झोपड़ी और घर की रंगाई-पुताई का कारोबार बड़ी मात्रा में होता है। इसके अलावा आभूषण, पोशाक, लहंगा-चूनी, फर्नीचर, रेडीमेड कपड़े, पोशाक आदि का कारोबार होता है। खरीदारी, शादी और ग्रीटिंग कार्ड, मछली मेवे, मिठाइयां, फल, पूजा सामग्री, किराना, भोजन, सजावट का सामान, घर की सजावट का सामान, विद्युत उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उपहार आदि की आम तौर पर मांग बनी हुई है और इस साल इन सेक्टर के अलावा अन्य कारोबार में भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है.
इनमें दिल्ली में रिटेल वेडिंग के लिए बैंक्वेट हॉल, होटल, ओपन लॉन, साइकल सेंटर, पब्लिक पार्क, फॉर्म हाउस और कई अन्य प्रकार की जगहें पूरी तरह से तैयार हैं। हर शादी में सामान की खरीद के लिए दुकान, होटल डेको स्टोर, फूलों की सजावट, क्रॉकरी, व्यावसायीकरण सेवा, यात्रा सेवा, कैब सेवा, पेशेवर मसाला का स्वागत, सब्जी विक्रेता, मसाले, वीडियोग्राफर, बैंड सहित कई प्रकार की दुकानें भी शामिल होती हैं। बाजा, शहनाई, ऑर्केस्ट्रा, डीजे, जुलूस के लिए घोड़े, बग्घी, लाइट और कई अन्य प्रकार की सेवाओं से इस बार बड़ा व्यवसाय होने की संभावना है। इसके साथ ही ईवेंट भी एक बड़ी व्यावसायिक संभावना है।
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पहले प्रकाशित : 18 अक्टूबर, 2023, 21:31 IST
