अनंत कुमार/गुमला.नवरात्र में बहुत से लोग प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करते हैं। ऐसे में लोगों के लिए साउथ इंडियन डिश इडली के शौक़ीन लोग हैं। पूजा को ध्यान में रखा गया जिला मुख्यालय के पालकोट रोड स्थित बिहार ऑटो के सामने लगे वाले शांति नी गोलू के स्टॉल पर लहसुन-प्याज का इस्तेमाल खुद से तैयार नारियल-बादाम की चटनी और चटपटा मिर्च की चटनी के साथ लोगों को शुद्ध सखुआ के दोना में इडली प्लास्टिक जा रही है। जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं और लोग बड़े चाव से यहां पहुंच रहे हैं।
रात में अरवा चावल और उड़द दाल को फुलाया जाता है। सुबह की मशीन में पीसकर इडली बनाई जाती है. वहीं नारियल और बादाम बनाने के लिए पूरी तरह से 2/3 बार मशीन में पीसा जाता है। स्टॉल के संचालक सुशांत सिंह राजपूत ने लोकल 18 को बताया कि हमारी स्टॉल सुबह 7 बजे से है। स्टॉल लीच के साथ ही स्वाद के कारण विश्व की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। जहां रोजमर्रा की गाड़ी सौ से तीन सौ लोग केवल खाने की सूची में हैं।और बहुत से लोग अलग-अलग पैक से घर लेने के लिए आते हैं।ग्राहकों का ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। रोजाना रात 11.30 बजे तक सारा माल खत्म हो जाता है। कोई दिन हमारी स्टॉल 12 बजे तक खुला रहता है।
इडली के साथ टेस्टी रेसिपी
स्टॉल बनाने से पहले सुबह घर पर ही इडली और चिप्स तैयार करके लाए जाते हैं। ईव इडली बनाने के लिए घर में स्टाफ भी रखे हुए हैं। जो घर पर ही चावल पीसकर गरमा गरम इडली तैयार करते हैं। पहले 10 रुपये में 2 इडली बिकती थी। लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण 20 रुपये में 3 पीस बेच रही हूं। इसी प्रकार प्रतिदिन हमारे यहाँ 18 से 20 किश्ती चावल और 3 से 4 कि.मी. उड़द दाल की कीमतें होती हैं। वहीं एक दुकान पर आए ग्राहक मंजीत ने बताया कि यहां की इडली और रेसिपी मुझे काफी टेस्टी लगती है. जब भी मुझे नाश्ता करने का मूड होता है तो मैं अपने दोस्तों के साथ नाश्ता करना शुरू कर देता हूं.
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पहले प्रकाशित : 19 अक्टूबर, 2023, 08:16 IST
