उत्तर
मेथी में मौजूद कंपनी वाउड फास्टिंग ग्लूकोज़ और पोस्टप्रांडियल कॉकटेल ग्लूकोज़ को कम कर देता है।
इसके साथ ही यह लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) को कम करता है।
मेथी की पत्तियों के फायदे: आज के दौर में लाइफस्टाइल से रिलेटेड बैचलर्स के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दुनिया के सभी लोग या तो किसी से पीड़ित हैं या किसी से पीड़ित हैं या किसी भी तरह के हार्ट डिजीज से पीड़ित हैं। इन सबके साथ कुछ लोगों का वजन भी बढ़ जाता है। ये साडी रेस्तरां और गलत खान-पान की वजह से हो रही है… तो इन सारी बातों का एक साथ इलाज क्या है. इसका जवाब देना बेहद मुश्किल है क्योंकि कोई भी चीज ऐसी नहीं है जिससे ये सारी चीजें खत्म हो जाएं। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल सही कर लें और एक चीज की बेरोजगारी या उसके बीज का रोजाना कुछ न कुछ मात्रा में सेवन करें तो इन सारी चीजों से कुछ हद तक मुक्ति पा सकते हैं। हालाँकि ये बात हमने नहीं बल्कि एक अध्ययन में कही है. इस अध्ययन के अनुसार मेथी के पत्ते या मेथी के पत्ते, पत्ते और वजन कम करने में बहुत सहायक होते हैं।
शुगर, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जाता है
फोलिकए जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार मेथी में फोलिक एसिड, राइबोफ्लेबिन, कॉपर, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन मैग्नीशियम, विटामिन ए, बी, बी 6 जैसे तत्व पाए जाते हैं। जर्नल ऑफ़ डायबिटीज़ एंड मेटाबोलिक डिसऑर्डर के अनुसार मेथी में मौजूद कंपनी फास्टिंग ग्लूकोज़ (पीपीजी) और पोस्टप्रांडियल ग्लूकोज़ (पीपीपीजी) को कम कर देती है। इसके साथ ही यह लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) भी कम करता है जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है। इन सबके अलावा मेथी के पत्तों में अखरोट की मात्रा अधिक होती है जिसका सुबह-सुबह सेवन कर लिया जाए तो यह भूख को बहुत देर तक नहीं लगती। इसलिए यह सारणीबद्धता को नियंत्रित किया जा सकता है।
हकीकत में सामने आई ये बात
इस अध्ययन में 30 से 70 साल के लोग शामिल हुए। इन लोगों का ब्लड शुगर बढ़ा हुआ था लेकिन अभी तक मरीज नहीं बने। यानी ये लोग प्री-डायबिटिक स्टेज में थे। इन लोगों के मेथी के दुकानदारों के लिए कहा गया है। इसके तीन साल बाद तक इन लोगों का परीक्षण किया गया। तीन साल बाद विश्लेषण करने पर पता चला कि जिन लोगों ने मेथी का सेवन नहीं किया था, उन लोगों ने मेथी का सेवन करने वालों की तुलना में सिर्फ 4.2 गुना अधिक मात्रा में सेवन के लक्षण देखे, जबकि सेवन करने वाले लोगों में ब्लड शुगर पूरी तरह से सामान्य था। हो गया. इतना ही नहीं, इन लोगों में बैड स्टार्स भी कम हो गए। वहीं जिन लोगों के साथ मिलकर जिन लोगों ने मेथी के पत्तों का सेवन किया, उनका वजन भी कम हो गया। मेथी एंटी-इंफ्लेमेटरी भी होती है, इसलिए यह शरीर में सूजन के स्तर को भी कम करती है। इसलिए गठिया के दर्द में भी मेथी के पत्ते सहायक हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक अध्ययन में भी यह साबित हुआ है कि मेथी में ब्लड शुगर को खत्म करने की क्षमता होती है। यह अर्थराइटिस के दर्द से भी राहत दिलाता है।
सेवन कैसे करें
भूकंप के मौसम में मेथी के साग खूब होते हैं। आप इसे सागा बना सकते हैं या मेथी को पिस्कर कर सकते हैं, इसे दांतों में जोड़ सकते हैं और इसकी रोटियां बना सकते हैं। एक तरह से यह मेडिक वर्णित रोटियां हो मंज़िल. लोग इसके पराठे भी पढ़ते हैं. इसके अलावा मेथी के पत्तों को पूरे या पूरे टुकड़ों में भी पीया जा सकता है. मेथी का मिश्रण भी पी सकते हैं. इसके अलावा मेथी के दाने का भी सेवन कर सकते हैं. इसके लिए रात में मेथी के दानों को पानी में डाल दें और सुबह इसे अच्छा पी लें।
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पहले प्रकाशित : 20 अक्टूबर, 2023, 06:41 IST
