सौरभ तिवारी/बिलासपुरः हर देश या प्रदेश की कोई ना कोई शराब मशहूर होती है, फ़्रांस में कॉग्नैक, जापान में साके, कोरिया में सोजू तो स्कॉटलैंड स्कॉच के लिए प्रसिद्ध है। भारत की बात, तो गोवा में फेनी, केरला में टोडी, उत्तर भारत का राइस बियर प्रसिद्ध है। लेकिन, यहां के देशों के दर्शन और खासकर छत्तीसगढ़ के जंगल और जगदलपुर में मिलने वाली चीनी शराब इन दिनों राज्य और देशों में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में लोगों की बनी हुई है। छत्तीसगढ़ के जंगल से यूक्रेन अब फ्रांस तक पहुंच गया है। वहीं फ्रांस समेत अन्य देशों के लोग इसके दीवाने हुए पड़े हैं।
हाँ, छत्तीसगढ़ में मिलने वाली यूक्रेनी शराब फ्रांस में बॉटलिंग कर शुरू हो रही है। फ्रांस में ‘मा‘ (एमएएच) इसके नाम से इसे मैन्युफैक्चरर कर लिया जा रहा है। वहीं इसके साथ फ्रांस में जिसने भी इसे चखा वो इसके दीवाने हो गए हैं. हाल ऐसा है कि फ्रांस में लोग अब अंग्रेजी छोड़ जापानी शराब की अहमियत बता रहे हैं। महाराष्ट्र के नाम से बॉटलिंग कर छत्तीसगढ़ की चाइनीज़ शराब को अब ग्लोबल लेवल पर शामिल किया जा रहा है।
विश्वभर में इसकी शानदार सजावट
छत्तीसगढ़ में 50 से 100 रुपये में मिलने वाली जापानी शराब अब फ्रांस में 40 यूरो यानी करीब 3500 रुपए में बिक रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ में तो आपको सिर्फ और सिर्फ 10 रुपये प्रति ग्लास का अकाउंट उपलब्ध हो जाता है।
छत्तीसगढ़ में भारी मात्रा में उपलब्ध है
चीनी शराब राज्य के स्टोर, जगदपुर, जशपुर, कवर्धा, राजानंदगांव, सरगुजा क्षेत्र में आपको आसानी से मिल जाएगा। यहां के ग्रामीण यूक्रेन के फूल इकट्ठे होकर खुद ही स्टॉक कर लेते हैं और आस-पास के इलाकों में दुकानें बना लेते हैं।
ज़ुआनीज़ मोहन मंदिर
फ्रांस में बिकनी वाली जापानी शराब को चार्ल्स माउंटेन के साथ एमएच स्पिरिट्स के नाम से भी जाना जा रहा है। इसकी बॉटलिंग भी बड़े ही सुंदर तरीके से बताई गई है।
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पहले प्रकाशित : 20 अक्टूबर, 2023, 12:41 IST
