रामकुमार नायक/रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चमत्कारी तालाब है। चमत्कारी रूप से, यहां बताया गया है कि इसमें शामिल होने से त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाते हैं। मानो या ना मानो की आधिकारिक स्थिति यहाँ है। हो सकता है कि तालाब में कुछ ऐसे खनिज तत्व मौजूद हों, जिनमें त्वचा संबंधी रोग ठीक हो जाते हैं। हालाँकि, डॉक्टरों की सलाह से इलाज ही बेहतर विकल्प होता है। यहां शामिल होने के लिए यहां पहुंचें प्रदेश ही नहीं, कंकाल से लोग पौराणिक कथाएं हैं।
राजधानी रायपुर में कंकाली तालाब शहर के बीचो बीच स्थित है। इस तालाब का निर्माण नागा साधुओं द्वारा लगभग 650 वर्ष पूर्व किया गया था। तालाब के बीच में छोटा सा मंदिर के निर्माण की स्थापना की गई। इसके बाद ऐसा चमत्कार हुआ कि अचानक एक दिन धरती से पानी की धारा फूटपाथ और तालाब का तालाब भर गया। सदियों से आज तक मंदिर तालाब के बीच डूबा है, जिसे भक्तगण शिवलिंग के दर्शन नहीं कर सके। इस तालाब की खुदाई में मिले थे लंका, इसलिए इसका नाम है कंकाली तालाब। वर्तमान स्थिति की बात करें तो तालाब लबालब भरा है और शंकर भगवान के मंदिर की भव्यता ही दिखाई देती है। इस तालाब के समुद्र तट पर बना मंदिर पूरी तरह से डूबा हुआ है, तालाब के समुद्र तट पर बना मंदिर पूरी तरह से डूबा हुआ है।
शामिल होने से इन उत्पादों से राहत मिलती है
मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि कंकाली तालाब के अंदर रंगीन बनी हुई है। इस सुरंग के रास्ते से तालाब से दो-तीन किमी दूर महाराजबंध तालाब, नारायण तालाब और बूढ़ातालाब तक पानी का दर्शन होता है। कुछ ही दूर प्रसिद्ध महामाया मंदिर की बावली से भी जुड़ा हुआ है लंका का तालाब। कहते हैं कि सबसे पहले राजा-महाराजा अपने कुलदेवी देवताओं के दर्शन करने इसी सुरंग से निकलते थे। इस तालाब में ऐसी मान्यता है कि किसी के शरीर में खुजली हो या चर्म रोग के कारण कोई परेशानी हो तो तालाब में छुट्टी से राहत मिलती है।
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पहले प्रकाशित : 21 अक्टूबर, 2023, 17:19 IST
