निशा नारायण/उदयपुर. दशहरे का पर्व हो और लंकेश अर्थात रावण की याद ऐसी न हो। लेकिन यूके में इस लंकेश को ही बड़े चाव के साथ खाया जाता है। चौंक गए ना, असल में हम लंकापति रावण की नहीं बल्कि बल्कि शहर में मिलने वाले लंकेश पकौड़े की बात कर रहे हैं, जिनमें खास तौर पर रामबाण गढ़ के साथ जाना जाता है।
यूनिक पहचान के लिए लंकेश नाम रखा गया
यूके के कोर्ट में अभियोजन स्थित लंकेश रेस्तरां वर्ष 1994 से संचालित किया जा रहा है। इस रेस्तरां के संचालक विकास खंडेलवाल ने बताया कि उनके पिता ने जब इस रेस्तरां की शुरुआत की थी तो उन्हें कुछ यूनिक नाम की तलाश थी। इसलिए उनका नाम लंकेश रखा गया. यहां बनने वाले दाल के पकौड़े खास चिप्स के साथ मिलते हैं. जिसका रामबाण नाम दिया गया है।
नवरात्रि के लिए बनाएं मीठे सेगारी व्यंजन
लंकेश रेस्तरां के ग्राहक शोभालाल तेली ने बताया कि यहां के पकौड़े का स्वाद बेहद लाजवाब है। इसके अलावा रामबाण रचना भी अनोखी है. हींग और इमली की चटनी खास तौर पर यहां बनाई जाती है। इसका टेस्ट बहुत अच्छा है. नवरात्रि में लंकेश रेस्तरां में खास तौर पर सेगारी व्यंजन तैयार किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से साबूदाने के पकौड़े, कागजी के पकौड़े, आलू के पकौड़े, साबूदाने के टुकड़े बनाये जाते हैं जो ग्राहकों को बहुत पसंद आते हैं. आम दिनों में दाल के पकौड़े, समोसे, कचौरी, आलू के पकौड़े, बेड के पकौड़े आदि चीजें बनाई जाती हैं.
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पहले प्रकाशित : 21 अक्टूबर, 2023, 06:31 IST
