विशाल झा/ग़ाज़ियाबाद: ठीक ही पिज्जा एक इटैलियन डिश हो लेकिन आज यह बच्चों से लेकर बड़ों तक के जंजाल पर अपना कब्जा जमा रखा है। जब कुछ क्लिनिक और लजीज खानों का ज़िक्र होता है तो सबसे पहला प्रॉजेक्ट ऑर्डर करने का ही मन में आता है। ऑफसेट की पार्टी हो या फिर स्कूल का एनुअल फीचर किसी भी तरह के समारोह में पिज्जा का होना जरूरी हो गया है।
पिज्जा लवर्स की एक शिकायत है कि पिज्जा खाने वालों का वजन बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। आटे और मेड से बना पिज्जा कभी-कभी आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है। लेकिन आज हम आपको बताते हैं कॉनसाइकल मूंग दाल का हेल्थी पिज़्ज़ा। जी हाँ यह पिज्जा मूंग दाल के बेस से तैयार किया जाता है.
मुंगलेट पिज़्ज़नी काफी डिजायबल है
गाजियाबाद के घंटाघर में मूंग पिज्जा दाल वाले काफी मशहूर हैं। यहां मूंग दाल का पिज्जा तैयार किया जाता है जिसे खाने के लिए शाम के समय लोगों की भीड़ जुटती है। एक ओर जहां यह पिज्जा स्वाद में लाजवाब होता है तो वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इसे बेहतर माना जाता है। छात्र पुतिन कश्यप ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से मूंगलेट का पिज्जा बेच रहे हैं।
5 मिनट में बन जाता है पिज़्ज़ा
यह पिज्जा को हैवी डिजायन में रखा जाता है। यूट्यूब पर भी कई लोगों के वीडियो डाले गए हैं. बाज़ार में आने वाले पिज़्ज़ा के मॉल में यह काफी स्वादिष्ट होता है। इस पिज्जा की कीमत 120 रुपये है। जिसे बनाने में 5 मिनट का समय लगता है। दोपहर 4:00 बजे से रात के 11:30 बजे तक लोग ज्ञान स्वाद चख सकते हैं। पिज्जा के अलावा मूंगलेट चिल्ला भी जाता है। जिसके साथ पुदीने, धन्या इमली की रेसिपी बनाई जाती है।
पनीर, बादाम की होती है स्टफिंग
इस पिज्जा को स्वादिष्ट बनाने के लिए बिल्कुल असामान्य स्वाद पर सेंका जाता है। इसके बाद घर में 18 तरीके से पीस डाला गया है। अंतिम स्टॉक पर स्टॉक के बाद नमक, काली मिर्च, जीरा, धनिया से पिज्जा को देसी स्वाद दिया जाता है। इसके बाद ऊपर से पनीर, मूंग, मक्के की स्टफिंग की जाती है जिससे पिज्जा का जायका काफी बढ़ जाता है.
निवेश पर कैसे जाएं
गाजियाबाद के नए बस अड्डे से शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन से टैक्सी या टेंपो के जरिए आप एक घंटे तक घर पहुंच सकते हैं। हॉगघर पहुँच के बाद वॉकिंग स्ट्रेंज पर हीयह दुकान मौजूद है।
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पहले प्रकाशित : 22 अक्टूबर, 2023, 14:53 IST
