Homeदेशझारखंड पर करिश्माई दैत्यों का साया, बरपा में खंडहर हो सकते हैं

झारखंड पर करिश्माई दैत्यों का साया, बरपा में खंडहर हो सकते हैं


राँची. मोटरसाइकल में तूफान की वापसी के बाद अब समुद्री तूफान (हैमून चक्रवात) का असर दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह गंभीर समुद्री तूफ़ान में परिवर्तित हो गया है। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में अत्यधिक निम्न दबाव बनने से मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र और संथाल परगना में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव वाले क्षेत्र में पिछले छह घंटे के दौरान 14 किलोमीटर प्रति घंटे की गहराई से उत्तर की ओर तीव्र और तूफानी तूफ़ान आया। अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक तेज़ समुद्री तूफ़ान आने की संभावना है। झारखंड के कई महासागरों में आकाश में काले-काले बादल देखे जा सकते हैं।

समुद्री मील का असर झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। रांची में सुबह से काले बादल छाए हुए हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव वाला क्षेत्र सोमवार शाम को तूफान में डूब गया। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि इससे भारतीय तट पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

ईरान ने तूफ़ान को हामून नाम दिया
आईएमडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समुद्री तूफ़ान को ‘हामून’ नाम से जाना जाएगा, जो ईरान ने दिया है। शाम 5.30 बजे बताया गया कि कामदेव ओडिशा के पारादीप तट से लगभग 230 किमी दूर, पश्चिम बंगाल के दीघा से 360 किमी दक्षिण में और बांग्लादेश में मातमुपारा से 510 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में अवस्थित था। अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक तेज़ समुद्री तूफ़ान आने की संभावना है।

ओडिशा में दिख सकता है असर
इस बीच ओडिशा सरकार ने सभी जिलों को किसी भी विवादित स्थिति से शुरू करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने सूरत में भारी बारिश होने की बात कही है, प्रशासन से लेकर मेघालय तक के लोगों को भी नुकसान हुआ है. मौसम वैज्ञानिक के अनुसार यह समुद्री तट से लगभग 200 किलोमीटर दूर समुद्र तट है। इसका असर सोमवार से तटीय ओडिशा में कुछ जगह होने और अगले दो दिनों में कई जगहों पर मध्यम बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा की गति धीमी-धीमी है, मंगलवार सुबह से लेकर 80-90 किमी प्रति घंटे तक का तूफान, 100 किमी प्रति घंटे तक का उछाल हो सकता है।

ओडिशा में हुई बारिश
सीज़न ने बताया कि समुद्री मील का ओडिशा पर कोई सीधा प्रभाव नहीं है, लेकिन कुछ दुर्गा पूजा वस्तुओं को नुकसान हो सकता है जो हवा की इतनी तेज गति का सामना करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। वहीं, ओडिशा में पिछले 24 घंटे में पौराणिक कथाओं की वजह से लगभग 15 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को समुद्रतटीय समुद्र तटीय क्षेत्र में मध्यम से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है।

टैग: आईएमडी का पूर्वानुमान, झारखंड समाचार, रांची समाचार, मौसम अपडेट



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