प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार न सिर्फ इस दौर में युवाओं के रोजगार की व्यवस्था में लगी है, बल्कि उनका नजरिया भी इसी समय आने वाला है। एक लंबे समय के बाद ऐसी सरकार केंद्र में आई है जिसने देश में चौतरफा विकास के लिए उद्यमिता शुरू की है। सरकार ने युवाओं के लिए मायभारत नामक संस्था के तहत ऐसी ही योजना बनाने का निर्णय लिया है। माई भारत योजना इसी महीने सरदार पटेल जयंती के अवसर पर शुरू होगी।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश में 15 से 19 साल के बीच युवाओं की संख्या करीब 40 करोड़ है. ये प्लेटफ़ॉर्म कई तरह से उपयोगी साबित होने वाला है। इसके माध्यम से कोई भी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता जैसे सभी क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकता है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश के करोड़ों युवा जुड़ें और अपना योगदान दें। 31 अक्टूबर को इसे राष्ट्र के लिए समर्पित किया गया।
यही नहीं इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवा संवाद यूथ पार्लियामेंट सांस्कृतिक कार्यक्रम रेज़्यूमे कार्यक्रम भी सुविधाजनक बनाया जा सकता है। कोरोना महामारी के दौरान युवाओं का योगदान भी सभी ने देखा है। उनके इसी लगन सेवा भाव और कर्तव्यबोध को ये सरकार प्रेरित दिशा में लगा कर आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की ओर काम कर रही है।
इसमें उल्लेख किया गया है कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारी की दर में लगातार कमी आ रही है। अप्रैल-जून 2022 में जहां बेरोजगारी की दर 7.6 प्रतिशत थी, जो इस साल जनवरी-मार्च में 6.8 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2023 में 6.6 प्रतिशत रह गई है। नेशनल ऑफिस सर्वे के पिरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में पाया गया कि बेरोजगारी दर लगातार कम हो रही है। साथ ही लेबर फोर्स में भागीदारी और टीम की संख्या में लगातार बढ़त का रुझान आ रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत में पिछले 6 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी दर कम हुई है। आंकड़ों को और विस्तार से समझा जाए तो ग्रामीण क्षेत्र ने रोजगार के मामले में बाजी मार ली है। 2017-18 में भारत के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 2.3 प्रतिशत रह गई है। शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 2017-18 में 7.7 प्रतिशत से घटकर 5.4 फीसदी तक पहुंच गई है। बेरोजगारी दर कम करने में नारी शक्ति का भी अहम योगदान है। पिछले 6 साल में महिलाओं की नौकरी के क्षेत्र में भागीदारी 2017-18 में 23 फीसदी से बढ़कर 37 फीसदी हो गई है।
इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि किस देश के शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी की दर में लगातार कमी आ रही है। अप्रैल-जून 2022 के आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी की दर 7.6 प्रतिशत थी, जिसके अनुसार जुलाई-सितंबर 2022 में 7.2 प्रतिशत हुई, अक्टूबर-दिसंबर 2022 में 7.2 प्रतिशत, जनवरी-मार्च में 6.8 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2023 में 6.6 प्रतिशत दस लाख रह गए हैं.
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पहले प्रकाशित : 24 अक्टूबर, 2023, 11:31 IST
