विनोद जोशी/पिथौरागढ़।भारत में भी अब लीच थेरेपी मशीन वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है और ऐसा इसलिए है क्योंकि इस थायरेपी से एक ही नहीं बल्कि कई शारीरिक समस्याओं से लेकर इंजीनियरिंग परामर्श में मदद मिलती है। लीच थेरेपी बहुत लंबे समय से चलन में है। प्राचीन मिस्र, भारत, अरब और ग्रीक जैसे देशों में त्वचा के बर्तन, दांत से संबंधित समस्याएं, तंत्रिका तंत्र में परेशानी और सूजन को दूर करने के लिए इस थेरेपी का उपयोग किया जाता है। लीच थेरेपी के जरिए शरीर से बेकार खून निकाला जाता है और खराब खून को अलग करके किसी भी बीमारी का इलाज किया जाता है। लीच थेरेपी को हीरोडोथेरेपी भी कहा जाता है। इस थेरेपी की पूरी प्रक्रिया में लीच अपने लार से उस क्षेत्र के ब्लड को प्यूरीफाई करने का काम करती है। यह ब्लड प्यूरीफाई का एक अच्छा तरीका भी है। यह थेरेपी लगभग 40 मिनट तक चलती है। जिसे अब आप प्रॉपर्टी में भी कर सकते हैं।
यहां के योग विजयाचार्य प्रकाश जोशी ने शिवाश्रम नाम से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की शुरुआत की है। दी गई जानकारी में बताया गया है कि लीच थायरेपी से वेलार में फ्रोजन कोलोराडो को बाहर निकाला जाता है। और इस थायरेपी के लिए विशेष प्रकार की लीच का उपयोग होता है जिसका लाभ अब पर्यटक जिले के लोग आसानी से ले सकते हैं।
लीच थेरेपी सिर्फ एक ही नहीं, कई तरीकों से काम करती है। इस थेरेपी के माध्यम से शरीर के कई सिद्धांतों को ठीक किया जाता है। एथोस के अनुसार, इसके माध्यम से आर्थराइटिस, क्रोनिक्स, श्रवण की समस्याएं, आंखों की समस्याएं, रक्तचाप की समस्याएं, किडनी की बीमारी, पैथोलॉजी, त्वचा की समस्याएं ठीक हो जाती हैं। व्यवसाय में लीच थायरेपी के लिए आप योगाचार्य विजय प्रकाश जोशी से इस नंबर पर +91 99177 12188 संपर्क कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 10 अक्टूबर, 2023, 15:01 IST
