मनीष कुमार/कटिहार. बेस्ट चाय वाली की कहानी ने बिहार के गली-मोहल्लों के साथ-साथ देश-दुनिया में भी खूब कमाई की है। इसका अवलोकन करते हुए किसी ने बेवफा चायवाला की दुकान खोली तो किसी ने अपने नाम और स्वाद के कारण इलाके में जगह बना ली। आज हम आपको देहाती जिलों के एक ऐसे युवा से मिलवाते हैं, जो ग्रेजुएट लिट्टी वाले के नाम से मशहूर है। रोजमर्रा की बड़ी संख्या में वॉन्ट्स की भीड़ इस ग्रेजुएट लिट्टी वाले की दुकान पर दिखती है। 25 रुपये में आप लिट्टी-चोखा और कीक तो वहीं 50 रुपये में आप अपने हाथ का बना सकते हैं लिट्टी-चिकन चख.
दरअसल, ग्रेजुएशन करने के बाद रवि कुमारअपना कोई बिजनेस करने की सोच रहे थे। इसी सोच के साथ रवि ने कबाड़ चौक पर लिट्टी-चिकन की दुकान बेची। रवि कहते हैं कि ग्रेजुएशन करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली। यह उन्हें मलाल भी नहीं है. अपने दम पर आत्मनिर्भर बनने की सोच बनाए रखने वाले रवि अपनी मेहनत और भूख के बल पर नशे के शौकीन चौक पर खुद से लिट्टी-चोखा और लिट्टी-चिकन बना कर बेच रहे हैं। रवि की दुकान पर खासतौर पर लिट्टी-चिकन खाने वालों के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। रवि कहते हैं कि इंटरनेट का प्यार उन्हें अपने व्यापार के प्रति अधिक मजबूत और जिम्मेदार बनाता है।
मात्रा 50 रुपये में एक प्लेट लिट्टी-चिकन
रवि की दुकान पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्राहक गण मौजूद रहते हैं और यहां स्पेशल लिट्टी-चिकन और लिट्टी-चोखा का आनंद लेते हैं। विश्विद्यालय का कहना है कि लिट्टी-चिकन और लिट्टी-चोखा के अलावा कीक और नींबू और कई सारे मसाले डाले जाते हैं। ये और भी स्वादिष्ट हो जाते हैं. सबसे खास बात यह है कि लिट्टी तैयार हो जाने के बाद इसे घी में डूबोकर खेलने को दिया जाता है। इसका स्वाद और भी लजीज हो जाता है. कुल मिलाकर 25 रुपये में लिट्टी-चोखा, केक और 50 रुपये में लिट्टी-चिकन और केक की सजावट आजकल यहां जोरों पर है।
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पहले प्रकाशित : 10 अक्टूबर, 2023, 12:23 IST
