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पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध करना अत्यंत आवश्यक है।
नाराज पितरों के श्राप से पितृ दोष लगता है, जिससे व्यक्ति का जीवन अशांत हो जाता है।
सर्व पितृ अमावस्या के उपाय: पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने और उनकी तृप्ति के लिए अच्छा मौका मिलता है। पितृ आपसे नाराज हैं तो उन्हें खुश करने के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि करना बेहद जरूरी है। नाराज पितरों के श्राप से पितृ दोष लगता है, जिसके कारण व्यक्ति का जीवन अशांत हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितरों की सूची केवल परिवार पर ही नहीं, बल्कि कई विनाश तक पहुंचाती है। घर में कलह होता है, धन हानि होती है, रुक जाता है और चोरों का पीछा नहीं छोड़ता। वहीं, अगर पूर्वज प्रसस का उल्लेख हो तो कई पीढ़ियां तर जाती हैं और घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है। ऐसे में अगर आप भी पितरों का आशीर्वाद चाहते हैं तो सर्व पितृ अमावस्या पर काले तिल का उपाय जरूर करना चाहिए। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। आइए युवाओं के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री जानिए पितृ दोष के उपाय.
सर्व पितृ अमावस्या क्यों खास है
सर्व पितृ अमावस्या इस वर्ष 14 अक्टूबर 2023 दिन शनिवार को है। इस दिन शनिवार को पितृ दोष और शनि दोष दोनों से मिलकर विशेष संयोग बनता है। शनिवार को पितृ अमावस्या के दिन काले तिल के कुछ उपाय करने से आपके जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। साथ ही इन उपायों को करने से पितरों का आशीर्वाद भी मिलेगा।
सर्व पितृ अमावस्या पर काले तिल के 4 आसान उपाय
यम होगा आकर्षक: सर्व पितृ अमावसत्य पर नाराज पितरों को आकर्षित करने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। ये काले तिल से जुड़े उपाय चमत्कारी होते हैं। ऐसे में पितृ पक्ष के समय में जब आप पितरों को तर्पण दें तो जल में काला तिल जरूर मिलाएं। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं, क्योंकि काला तिल यमराज को प्रिय होता है। जो पितर यम लोक में कष्ट भोगते हैं, उससे मुक्ति मिलती है। इससे खुश होकर पितृ आशीर्वाद देते हैं और दोषों से मुक्त होते हैं।
सूर्य देवहोंगे प्रसन्न: पितृ पक्ष में सूर्य देव को अर्ध्य देना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा करने से कई पुरातत्व से मुक्ति मिलती है। सर्व पितृ अमावस्या के दोषों से मुक्ति पाना बेहद ही खतरनाक है। अर्यमा को पितरों का देव कहा जाता है। ऐसे में अर्यमा की पूजा करके देखें काला तिल। ऐसा करने से पितर खुश होते हैं। वंश को देव अर्यमा और पितर दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न: सर्व पितृ अमावस्या पर इंदिरा-अमावस्या व्रत पितरों के लिए खास माना जाता है। इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा होती है। ऐसे में श्रीहरि को काला तिल निर्भय बनाने से वे आकर्षित होते हैं। असल में, तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु से हुई है। इसलिए तिल अर्पण के बाद विधि निषेध व्रत करें। इससे भगवान विष्णु और पितृ दोनों ही प्रसन्न होंगे। साथ ही पितरों को बैकुंठ की प्राप्ति होती है।
त्रिग्रही दोष होगा शांत: पितृ पक्ष के समय पूजा में काले तिल का प्रयोग करते हैं तो कुंडली से त्रिग्रही दोष शांत होता है। ऐसे में यदि आप सर्व पितृ अमावस्या पर काले तिल का उपाय करेंगे तो राहु, केतु और शनि ये त्रि ग्रह शांत होंगे। इसके अलावा उनके जीवन पर प्रभाव भी नहीं पड़ा।
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पहले प्रकाशित : 11 अक्टूबर, 2023, 02:42 IST
