धीरज कुमार/किशनगंज. पान हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। पूजा से लेकर मुंह के स्वाद को यह बनाता है। अमूमन लोग खाना खाने के बाद पान खाना पसंद करते हैं। यह बिहार में आपको हर जगह आसानी से मिल जाता है। लेकिन किशनगंज के सुभाष पाली चौक स्थित टीपी भाई के पान की बात अलग है। यहां पान खाने वाले लोग दूर-दूर से आते हैं। वहीं, सीमांचल के नेता से लेकर अधिकारी भी अपने पान की दुकान पर जरूर आते हैं। 10 मूर्तियों से तैयार यह पान आपके मुंह में गजब बनेगा। यहां पर 20 रुपए से लेकर 100 रुपए तक का पैन है।
शिक्षार्थी हैं कि मेरे यहां पान के शौकीन आते हैं। यहां 10 कैरेक्टर से परफेक्ट पान बनते हैं। पान में काजू, तेल, बादाम, चीनी फूल, चमनवहार, गुलकन, चेरी, पासपास, तुलसीखजूर से बनी पान खाने की हर रोज दुनिया भर में भीड़ रहती है। वहीं, रोजाना 500 पीस पैन बिकते हैं. यहां 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का पैन है।
पूर्व गृह राज्य मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया
लोकल 18 बिहार से बात करते हुए पान दुकान के दुकानदार भाई ने बताया कि उनका यहां का पान पूरे सीमांचल में प्रसिद्ध है। नेता से लेकर अधिकारी हर कोई अपने पान को लेकर आता है, जो कि किशनगंज के सुभाष पाली चौक पर स्थित है। भारत के पूर्व गृह राज्य मंत्री महरूम तस्लीमुद्दीन साहब का पान हर रोज यही से होता था। वही, आज भी यहां के सांसद, विधायक अगर इस रास्ते से जाते हैं, तो वह हमारा पान मांगते हैं। इसके अलावा बंगाल से लेकर नेपाल तक के लोग आते हैं.
मीठा और देसी पत्ते से बनता है पान
शहर के सुभाष पाली चौक स्थित दाउद पान की दुकान में मीठा और देसी पान का पान देखा जाता है। देसी पत्ते को यहां पर लोग बंगले के पत्ते भी बोलते हैं। जो ₹20 से लेकर ₹100 तक का पान लोग खाते हैं। जो कि तरबूज़ से तैयार होता है। वहीं, अल्टाहाट के एक ग्राहक ने बताया कि यहां पैन पूरे समुद्र तट पर कहीं नहीं है। हम लोग हर रोज दाउद भाई का पान खाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 26 अक्टूबर, 2023, 20:18 IST
