शिखा श्रेया/रांची. ठंड से छुटकारा पाना और लोगों ने गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिया है, लेकिन शुरुआती ठंड में अक्सर ठंड लगने वाली बीमारी का खतरा अधिक रहता है। कभी-कभी छोटी-मोटी बीमारी के चलते हमें अस्पताल के चक्कर आते रहते हैं। झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉक्टर जेके मित्र ने ऐसी ही कुछ बातें बताई हैं, जिससे कि आप अपने यहां के छोटे-मोटी बिस्तरों से आसानी से आराम पा सकते हैं।
डॉ. जेके मित्र ने लोकेल 18 को बताया कि इस मौसम में छोटी-मोटी बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि हम बारिश से ठंड की तरफ जा रहे हैं। अब सीज़न में पूरी तरह से तरह-तरह की डॉक्युमेंट्री हो रही है। ड्राय सीज़न में लोगों को अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि यदि थोड़ी सी भी वर्षा की जाए तो निमोनिया जैसी बीमारी हो सकती है।
यहां जानें कुछ जरूरी बातें
डॉ. जेके मित्र ने बताया कि अभी बाज़ार ख़त्म हो गया है और सीज़न डॉक्युमेंट हो गया है। इस कारण से जो टोकरा वायरस, वह ग्लूकोस सीज़न में अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इन वायरस से बचना जरूरी है। इन वायरस की वजह से ठंड, खांसी और बुखार जैसी चीजें इस मौसम में देखने को मिलती हैं। कई बार वायरल बुखार भी होता है. यानी पूरे परिवार को एक साथ बुखार या तेज़ खांसी हो गई।
उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा कई बार लोग निमोनिया का रूप ले लेते हैं, जो आगे चलकर कई बार निमोनिया का रूप ले लेते हैं या फिर जिन लोगों को निमोनिया की समस्या होती है, उनके लिए इस मौसम में खांसी से राहत की जरूरत होती है। सार्स, हाई बीपी या कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की इम्युनिटी सिस्टम ख़राब होती है। जिस कारण से इस सीज़न में वायरस पर त्वरित हमले होते हैं। इन लोगों में एलर्जी संबंधी ऐसी समस्या देखी जाती है।
कैसे बनायें
• जिन लोगों की इम्युनिटी सिस्टम ख़राब है। यानी डायबीटीज, हाई बीपी या कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग हमेशा गर्म पानी से नहाएं और समय-समय पर स्टीम लेते रहें।
• धूप पर ही सुबह की सैर। कई बार लोग सुबह 5 बजे की सुबह वॉक पर निकल जाते हैं। जिससे ठंड लगने का खतरा अधिक रहता है। सुबह की सैर पर कम से कम 6:30 बजे निकलें।
• ठंडी खांसी के मौसम में हमेशा गर्म पानी का सेवन करें और ठंड के मौसम में हमेशा गर्म पानी का सेवन करें।
• सर और कान को हमेशा हॉट स्मार्टफोन से खरीदा कर रखें। कोशिश करें छाती और कान में ठंड ना लगे।
• गर्म पेजमे जरूर पहनें, क्योंकि अगर पेट में ज्यादा ठंड हो तो आगे चलकर अर्थराइटिस जैसी समस्या हो सकती है।
• इसके अलावा अगर खांसी 20 दिन से ज्यादा रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करें। जब आगे की ओर देखा तो उसे अंदाज़ा लगाने पर यह मलेरिया का भी रूप ले सकता है।
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पहले प्रकाशित : 27 अक्टूबर, 2023, 11:33 IST
