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आर्टिफिशियल फर्म वर्कशॉप और लॉज डांस से हो सकता है हार्ट अटैक! कोविड-19 से खतरा, जोखिम कैसे कम करें


उत्तर

रिसर्च में पाया गया कि कोविड का वायरस कोरोनरी आर्टरीज़ को प्रभावित कर सकता है।
यह एथेरोस्केरॉथिक प्लाक में सूजन को बढ़ाता है।

कड़ी मेहनत से बढ़ता है हार्ट अटैक स्ट्रोक का खतरा: पिछले दिनों गुजरात में गरवा डांस के दौरान कई बच्चों की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने चिंता जताते हुए कहा कि जिन लोगों को कोरोना हो गया है, उन्हें दो-तीन साल तक कड़ी मेहनत से बचना चाहिए। उन्होंने आईसीएमआर (आईसीएमआर) के एक अध्ययन का अध्ययन करते हुए बताया कि कोविड के कारण हृदय की क्षमता पर असर पड़ा है, जिसके कारण उन्हें दो-तीन साल तक का अध्ययन करना चाहिए। इस पूरे मामले पर हमने फोर्टिस अस्पताल के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नित्यानंद त्रिया से बात की. उन्होंने कहा कि कोरोना की चपेट में ज्यादातर लोग आए थे. बेशक उन्हें पता हो या नहीं. इसलिए यदि आप प्लास्टिक वर्कशॉप या फास्ट डांस करते हैं तो यह सिर्फ कोरोना वायरस के लिए नहीं बल्कि सभी लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

राष्ट्रवाद में क्या डांस था हार्ट अटैक की वजह

डॉ. नित्यानंद त्रिया उन्होंने बताया कि कोरोना के मरीज़ में रक्त के थक्के जमने की संभावना अधिक हो सकती है। हालाँकि पूरी तरह से अभी तक यह प्रमाणित नहीं है कि सिर्फ कोरोना के मरीजों में ही इस तरह की समस्याएँ होती हैं। दुनिया भर में कई शोध चल रही हैं और धीरे-धीरे इसका पता चल रहा है। अगर वायरस के खाते से देखा जाए तो दो-तीन पूर्वी देशों में इसका असर खत्म हो जाना चाहिए। गुजरात में नवरात्र के दौरान जो लोगों की मौत हार्ट अटैक (दिल का दौरा) से हुई थी, उसकी अकस्मात वजह सबसे ज्यादा थी। असल में, ये लोग बहुत हार्ड बैंड कर रहे होंगे या डांस भी सबसे ज्यादा करने लगेंगे। इससे आर्टरी में प्लाक टूट गया होगा. दिल का दौरा तत्काल यही कारण हो सकता है।

क्या होता है दिल का दौरा?

नेचर कार्डियोलॉजी जर्नल में छपी रिपोर्ट के अध्ययन में पाया गया है कि कोविड के वायरस कोरोनरी आर्टरीज़ को प्रभावित कर सकता है और एथेरोस्क्लेरोटिक प्लाक (एथेरोस्क्लोरोटिक प्लाक) में सूजन को बढ़ा सकता है। एथेरोस्केर थियोप्लास्टी प्लाक धमनियों में जमा होने वाला गंदा पत्थर है। यानि कि इस अस्पताल में सूजन के बढ़ने से यह प्लाक बहुत ज्यादा हो जाएगा और इसके खतरे का खतरा बढ़ जाएगा। डॉ. नित्यानंद त्रिया उन्होंने बताया कि चाहे किसी को पता हो या न हो लेकिन दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी कोरोना की चपेट में आ गई थी। हो सकता है कि इस जांच का दावा सच हो लेकिन इसे सिर्फ कोरोना तक सीमित रखना सही नहीं है। बल्कि हर आदमी को हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे से खुद का बचाव करना चाहिए। यदि आप कलाकार भी हैं तो भी अचानक बहुत कठिन काम न करें या बहुत देर तक मेहनत वाला डांस न करें या कोई भी कठिन काम तेज गति से न करें।

प्लाक के टुकड़े से होता है हार्ट अटैक

डॉ. नित्यानंद त्रिया उन्होंने कहा कि जिस तरह का हमारा अनहेल्दी खान-पान है, उसमें यह कहना मुश्किल है कि किसकी धमनी में प्लाक (गैंडा कोयले से बना स्टिक पदार्थ) जमा हो गया है। क्योंकि ज्यादातर मामलों में आर्टरी में प्लाक जाम होने का पता नहीं चलता। अगर आर्टरीज में 70 फीसदी तक प्लाक है तो इसका पता चल पाता है. इससे कम पर पता नहीं. इसलिए बेहतर यही है कि हमेशा हार्ट अटैक या स्ट्रोक को लेकर स्ट्रोक्स का उपयोग करें। अचानक कठोर परिश्रम से धमनी में प्लाक टूट जाता है जिससे रक्त का थक्का बन जाता है और अचानक रक्त का प्रवाह दिखाई देता है और हृदय पर हमला या स्ट्रोक हो जाता है। मुश्किल यह है कि प्लाक से शुरू होने पर कुछ नुकसान नहीं होता, न ही किसी तरह का पता चलता है।

अचानक हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें

  • 1. डॉ. नित्यानंद त्रिपाल ने बताया कि सबसे पहले बच्चों को हार्ड मार्केट की लत नहीं लगानी चाहिए। एक ही दिन में डिक्री-दो घंटे में गोलमाल नहीं करना चाहिए। धीरे-धीरे इसकी टाइमिंग और क्षमता को बढ़ाना चाहिए।
  • 2. पहले धीरे-धीरे धीरे-धीरे विकसित करें। जो लोग बहुत पहले से आस्था की क्षमता धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बढ़ती है, उन्हें खतरा बहुत कम होता है। अगर आप सांताइना को धीरे-धीरे विकसित करेंगे तो खतरा नहीं होगा।
  • 3. टारगेट करने के लिए एनर्जी ड्रिंक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल न करें। कैफीन का प्रयोग भी अधिक मात्रा में न करें।
  • 4. वस्तुस्थिति लें। इसके लिए सीजनल ग्रीन लीफदार स्ट्रेंथ, स्ट्रेंथ फल, ड्रूफ्लेक्स, फिश, सीड्स आदि का नियमित सेवन करें।
  • 5. सीतामढी शराब से दूर रहे। स्मोकिंग हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।
  • 6. जंक फूड, फास्ट फूड, ज्यादातर तली-भुनी चीजें आदि का सेवन न करें।

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