शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इन दिनों छत्तीसगढ़ में शामिल हैं। प्रधान छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा से आए हैं इसलिए यहां के लोग अपने रोड शो और चुनावी प्रचार के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। इसलिए धर्मेन्द्र प्रधान को अब भरोसा हो गया है कि जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। तभी तो वो अपने हर रोड शो और जन सभाओं में यही नारा लेकर शुरू कर दिया है “ऊ नई सहिबो, बदल के रहिबो”। यानी अब कांग्रेस राज नहीं सहेगी, इसे बदल देगी। धर्मेन्द्र प्रधान छत्तीसगढ़ की राजनीति से पूरी तरह से अलग हैं क्योंकि वे दो बार भाजपा के चुनाव में जीत का हिस्सा थे।
सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के डुमरमुंडा क्षेत्र में अपने रोड शो और फिर पिल्ला में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के संपर्क और रोड शो में जनता का जोश देख कर धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि राज्य में बीजेपी के लिए अपोजिट जनसमर्थन है। उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी करने वाली, किसानों को धोखा देने वाली, माफिया को संरक्षण देने वाली कांग्रेस सरकार का पता है। प्रधान ने मंच से दावा किया कि रायगढ़ की जनता में उत्साह और प्रेम का भाव है कि छत्तीसगढ़ ने बीजेपी को फिर से आशीर्वाद देकर सेवा का अवसर प्रदान करने का मन बना लिया है। प्रधान ने बेलगाम सरकार के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ और रायगढ़ के लोगों को जन कल्याण से लेकर सोनिया गांधी परिवार तक का समर्थन चाहिए।
रायगढ़ जिले के भाजपा और जदयू के नामांकन से पूर्व धर्मेन्द्र प्रधान ने एक विशाल रोड शो किया फिर विजय विश्वास रैली को भी प्रदर्शित किया। उन्होंने पूर्व एटमीलैस्ट अटल बिहारी महल की भी जनता को याद दिलाते हुए कहा कि अटल जी की दूरदर्शिता और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य बन कर दिखाया गया है। पूर्व अटल बिहारी बैतूल के पद पर ही तीन राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में 2001 में लगातार तीन उम्मीदवार आए थे और 2018 में छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने जीत का परचम लहराया था।
2018 चुनाव में बीजेपी को जनता ने डिफाइन किया था. लेकिन 2023 में लिटिल पिछौने के प्रचार में जो गति पकड़ी गई, उसमें अला नेतृत्व को लगा कि वहां चमत्कार हो सकता है।
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पहले प्रकाशित : 30 अक्टूबर, 2023, 21:01 IST
