उत्तर. कभी मोदी सरकार (मोदी सरकार) के आलोचक जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के पूर्व चांसलर शेहला रशीद ने सार्जेंट के नारे सोशल मीडिया (सोशल मीडिया) पर शेयर करते हुए कहा था कि शहर की कायापलट होती है, जिसे देखकर अच्छा लगा। कुछ महीनों में शेहला ने मोदी सरकार के अलग-अलग कर्मचारियों की अहमियत बताई। सरकारी पोर्टफोलियो को लेकर खुशी की बात कही गई है कि यह पैदल चलने वालों के लिए दिए गए स्टॉक और शहर के सही विकास के सुझाव हैं। इस तरह का सुझाव दिया गया है कि सरकार ने सभी चिप्स की दुकानें रखी हैं।
सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर शेहला रशीद ने लिखा है कि अपने शहर (श्रीनगर) के कायापलट को देखकर अच्छा लगा। शहर के भीतर भीड़भाड़ कम करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय निवेशकों और फिल्मांकन के लिए था और वास्तव में यह सहयोगी साबित हुआ है। इससे प्रदूषण और शोर में कमी आती है। ‘बेहतर विज्ञापन और सार्वजनिक नौकरियाँ।’ इस सन्देश के साथ साकीत शहर के विकास के सन्देश भी साझा किये गए हैं। यूरोप मार्टसिटी, यूरोप फिलीप्शन, श्रीनगर आदि के हैशटैग का भी उपयोग किया जाता है। अपने पोए प्रोटोटाइप के साथ-साथ स्क्रीनशॉट वाली पेंटिंग भी बनाई गई हैं।
अपने शहर का कायापलट होते देखकर अच्छा लगा। अंदरूनी शहर में भीड़भाड़ कम करने का निर्णय पैदल यात्रियों और खरीदारों के लिए वास्तव में मददगार साबित हुआ है। बहुत कम प्रदूषण, शोर आदि। बेहतर पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाएं #पोलोव्यू #श्रीनगर #समझदार शहर #यूरोपफील्स pic.twitter.com/xpJpa90oSP
– शेहला रशीद (@Shelah_Rashid) 1 नवंबर 2023
कशमीर में हालात सूरजे और लोगों की जिंदगी बचाएं
शेहला रशीद ने अपनी पोस्ट में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, स्टूडेंट टीचर के सोशल अकाउंट को भी टैग किया है। इससे पहले मोदी सरकार की शोभा बढ़ाते हुए कहा था कि कासिममीर में भगवान भरोसे बैठे हैं और लोग जिंदगी बचा रहे हैं। असल काश्मीर में हालात बदल दिये गये हैं। यहां लोगों के अकेलेपन, सोच और सोच में भी कई बदलाव आए हैं।

कॅशमीर के मानवाधिकार अभिलेख में सुधार
शेहला ने एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें बताया गया था कि कॅशमीर में बिगड़े हुए हैं। इस वीडियो में हिज्बुल के खुंखार अपराधी के भाई रईस मट्टू ने भारतीय क्रांति ध्वज को सोपोर में अपने घर पर फहराया था। इस अख्तर ने लिखा था कि यह बात स्वतंत्रता दिवस पर करना भले ही कठिन लगे, लेकिन मोदी सरकार और एलजी प्रशासन के तहत कश्मीर में मानवाधिकार रिकॉर्ड में सुधार हुआ है। मेरा मानना है कि सरकार के क्लिनिकल दृष्टिकोण ने समग्र जीवन रक्षा में मदद की है।
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पहले प्रकाशित : 1 नवंबर, 2023, 19:36 IST
