
पाकिस्तान में चुनाव की तारीखों का उद्घाटन
पाकिस्तान कीखबरें: पाकिस्तान में आख़िरी चुनाव की तारीख़ों का ख़ुलासा हो गया है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की है। इस घोषणा के मुताबिक चुनाव अब अगले साल 11 फरवरी को होगा। यह जानकारी चुनाव आयोग के एक वकील ने पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय में दाखिलों की सुनवाई के दौरान बताई है। चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि चुनाव के बाद 30 नवंबर को परिसीमन प्रक्रिया पूरी होगी। शुरुआत में ईसीपी ने कहा था कि चुनाव जनवरी के आखिरी सप्ताह में होगा, लेकिन राजनीतिक संस्था की मांग के बावजूद कोई अंतिम तिथि नहीं बताई गई।
शाह सरफराज की सरकार के वामपंथी नेता और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली भंग होने के बाद चुनाव की समय सीमा आम तौर पर 90 दिन की होती है, जो 7 नवंबर को समाप्त होने वाली थी। हालांकि पाक चुनाव आयोग ने इसी साल मार्च और अप्रैल में यूनेस्को में नई विचारधारा और परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा करने का फैसला किया है।
कौन सा प्लांट हुआ था?
पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, संसद के भंग होने पर 90 दिनों में चुनाव होना चाहिए। हालाँकि, इस बीच प्रतिभा का मामला फंसा था। संसद के भंग होने के बाद ही यह खतरा मंडरा रहा था कि पाकिस्तान में संवैधानिक समय-सीमा के अंदर चुनाव नहीं हो सकता।
7 नवंबर को पाकिस्तान में चुनाव होने वाला था
7 नवंबर को इस समय सीमा की समाप्ति के बावजूद ईसीपी ने चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाने की अपील की थी, जो काफी लंबित थी। अप्रैल 2022 में इमरान खान सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद ही पाकिस्तान में राजनीतिक संकट पैदा हो गया। शाह सरफराज की सरकार के समय पाकिस्तान बेताहाशा की अर्थव्यवस्था पर कब्ज़ा हो गया और पाकिस्तान कंगाली की हालत में पहुँच गया। इसी बीच इमरान खान ने चुनाव के लिए जी तोड़ने की कोशिश की। लेकिन उन पर कई कोर्ट में केस चला और जेल में डाल दिया गया। यही नहीं, चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव आयोग ने सबसे पहले ही रोक लगा रखी है। इमरान पर सैकड़ों मामले लंबित हैं, इनमें तोशखाना मामले अहम हैं।
