अर्थशास्त्र सेजू/बाडमेर। पहले दौर में गठिया यानी जोड़ों के दर्द की समस्या सिर्फ 40 साल से अधिक उम्र के लोग अपना शिकार बनाते थे, लेकिन अब काफी युवा इस समस्या का सामना कर रहे हैं। हर व्यक्ति जोड़ों के दर्द से बाहर पाना चाहता है। विशेषकर जब मौसम थोड़ा सा ठंडा होता है तो यह परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में निर्गुण्डी एक ऐसा औषधि पौधा है जो न केवल जोड़ों का दर्द दूर करता है बल्कि कई मानसिक तनाव को भी दूर करता है।
पश्चिम राजस्थान के सुपरमार्केट जिला मुख्यालय में स्थित मां सती दाक्षायनी माता मंदिर के पुजारी वासुदेव जोशी ने औषधीय गुणों से भरपूर को स्थापित किया है। उनके मंदिर की वाटिका में करीब 400 से ज्यादा प्रयोग किए जा रहे हैं। नयन में से एक है निर्गुण्डी का पौधा। यह एक आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। निर्गुंडी का सेवन करने से सूजन के साथ-साथ भारी दर्द भी कम हो सकता है।
इन हालात में कमाल
निर्गुण्डी के उपचार सूजन-रोधी, ऐंठन-रोधी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण जोड़ों को कुछ ही समय में उनकी स्वस्थ स्थिति में लाने में मदद करते हैं। निर्गुण्डी औषधियों के बाद तना और बीज सबसे अधिक होते हैं। यह पौधे के स्वाद में चॉकलेट होता है और इसका तासीर गर्म होता है, जो इसे जोड़ों के दर्द के लिए और भी शक्तिशाली बनाता है। इतना ही नहीं निर्गुण्डी के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है। पुजारी वासुदेव जोशी कहते हैं कि निर्गुण्डी औषधियों के अवशेष, स्टीन, फूल, फूल और शिष्यों का उपयोग स्वाद- मंदिर के मिश्रण में तेल, पेस्ट, सामग्री और पाउडर के रूप में किया जाता है, जो व्यापक रूप से प्रचलित बुखार से लेकर बहुत कुछ है ही दुर्लभ कुष्ठ रोग तक के घटकों को ठीक करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द में यह कोई रामबाण औषधि से कम नहीं है।
मानसिक परीक्षण भी होगा दूर
निर्गुण्डी का प्रयोग मानसिक समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। निर्गुंडी चिंता, अवसाद, तनाव को कम करने में खतरनाक होता है। इसके सेवन से मूड, इंसोइना और तनाव से मुक्ति दूर होती है। उसने सीखा है कि निर्गुण्डी औषधि गठिया के विक्रेताओं को बहुत लाभ पहुंचाती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण सूजन व दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। यही वजह है कि जोड़ों का दर्द हो या फिर कोई और बीमारी हो, निर्गुंडी काफी खतरनाक साबित हो रही है।
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पहले प्रकाशित : 2 नवंबर, 2023, 17:59 IST
