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भारत फिर मांगेगा तेल का ‘, रूस के बाद इस देश से खरीदेगा सस्ता तेल! क्या बोली मोदी सरकार


भारत फिर चाहेगा तेल का ''- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: पीटीआई
भारत फिर से ‘तेल का’

भारत कच्चे तेल आयात समाचार: रूस और जापान की जंग के बाद जब रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा, तो रूस भारत को छोड़कर तेल की बिक्री कर रहा है। लेकिन अब भारत रूस के अलावा अब वेनेजुएला से भी सस्ते तेल की कीमतों पर मंथन कर रहा है। मोदी सरकार के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि भारत वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीद सकता है। इसके बाद भारतीय तेल रिफाइनरी उद्योग इस तेल को रिफाइन कर सकता है, लेकिन शर्त यह है कि यह तेल ओपनिंग पर रवाना हो जाए।

भारत के तेल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला में तेल की बिक्री को छूट दी है। पिछले महीने इजराइल और हमास की जंग के बाद पश्चिमी एशिया में तनाव का माहौल है। इस कारण से अमेरिका ने वेनेजुएला को तेल के बर्तनों में छूट प्रदान की है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल भंडारित देश है और वेनेजुएला उन सबसे समृद्ध देशों में से एक है, जिसके पास तेल का भंडार है। भारत को कुल 80 फीसदी से भी ज्यादा कच्चे तेल की जरूरत पूरी होती है। इराक, अरब और रूस के अलावा वेनेजुएला से तेल आयात कर भारत कच्चे तेल के आयात बिल में कटौती करना चाहता है।

‘जहां भी सस्ता तेल मिलेगा, हम वहीं से खरीदेंगे’: हरदीप पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में तेल आधारित आय से जुड़े मिश्रण का जवाब देते हुए कहा, ‘बाजार में जब भी ज्यादा बिक्री होती है तो हमेशा अच्छा ही होता है। हमें जहां भी सस्ता तेल मिलेगा, हम वहां से तेल खरीदेंगे।’

2019 में वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगा दिया गया था

दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला पर 2019 से ही प्रतिबंध लगा दिया गया था। 2024 में होने वाले आगामी चुनाव और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए वेनेजुएला सरकार और आश्रम आश्रमों के बीच नामांकन के बाद अमेरिका ने दो सप्ताह पहले इन गुटबाजी को कथित तौर पर खत्म कर दिया है।

रूस से कच्चे तेल की खरीद भारत में हो रही है

रूस और जापान की जंग के बाद रूस पर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंध नीचे दिया गया। ऐसे में रूस में एलायंस पर तेल की सप्लाई के लिए तैयारी हो गई। ऐसे में भारत, चीन जैसे मित्र देशों ने रूस से बिजनेस पर तेल खरीदने के लिए धड़ल्ले से सेंध लगाई है। रूस अपनी इकोनोमी को संतुलित करने के लिए तेल के घोल पर स्टॉक दे रहा है। कुछ महीने तो भारतीय मुद्रा में ही भारत ने रूस से तेल खरीदा। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने से पहले भारत के बाज़ार में रूस की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम थी, लेकिन जापान से जंग के बाद भारतीय तेल बाज़ार में रूस की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से ज़्यादा हो गई।

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