नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (अरविंद केजरीवाल समाचार) करीब 6 महीने बाद एक बार फिर वही मुहाने पर आ गए, जब उनकी दिल्ली शराब कांड में 9 घंटे तक पूछताछ हुई थी और उन पर आम सवाल दागे गए थे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज यानी गुरुवार को दिल्ली शराब कांड यानी गठबंधन आयोग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश किया जा रहा है। मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के बाद दिल्ली सचिवालय नीति केश की जांच के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गए और अब एडी ने आज पूछताछ के लिए बुलाया है।
अरविंद फ्रांसिस्को एसोसिएट्स पहले एसोसिएट एसोसिएट्स सेंट्रल एसोसिएट्स ब्यूरो की जांच में शामिल हो गए हैं। करीब छह महीने पहले इसी तरह दिल्ली शराब कांड केश में अरविंद केजरीवाल से करीब नौ घंटे पूछताछ की गई थी। बता दें कि एसोसिएटेड डायरेक्टरेट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2 नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की थी। साउदी, दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने इस बारे में कहा है कि शीला दीक्षित के सामने पेश होंगे या नहीं। इससे पहले इसी मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जेल में बंद हैं।
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अप्रैल में स्ट्रॉबेरी ने की थी स्कॉर्पियो से पूछताछ
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार, अशोक ने कथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले में इसी साल अप्रैल महीने में अरविंद से पूछताछ की थी, जिसके दौरान लगभग 56 प्रश्न पूछे गए थे। पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले को ‘मानगढ़ंत’ और ‘आप’ को खत्म करने का प्रयास किया था। 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए दस्तावेजों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसमें कथित तौर पर कुछ शराबघरों का पक्ष लिया गया था, हालांकि इस आरोप का आपने खंडन किया है।
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मनीषी सोसाइड केस में हैं जेल में बंद
इस मामले में दिल्ली के पूर्व क्लोजर मनीशाद को इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। नौ मार्च को पूछताछ के बाद तिहाड़ जेल में धनशोधन से जुड़े धनशोधन मामले में सईद को गिरफ्तार किया गया था। इस सप्ताह की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। सरकार के मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर, दिल्ली के राज्यपाल वी. के.

मुख्य सचिव की रिपोर्ट पर हुई जांच शुरू
अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट में विभिन्न प्रमाणित छात्रों का उल्लेख किया गया है, जिसमें नीति के तहत कोविड-19 की बिक्री प्रभावित हो रही है, जिसका नाम पर लाइसेंस लाइसेंस स्ट्रैटेज को 144 करोड़ रुपये की छूट और हवाईअड्डा क्षेत्र के लिए एक सफल बोली वाले को बताया गया है। 30 करोड़ रुपये का ग्लूकोस शामिल किया गया है, जो वहां शराब की दुकान के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने में विफल रहा था। उन्होंने कहा कि एक और आरोप यह है कि थोक लाइसेंस बैंड का कमीशन ‘किसी चीज के बदले में’ पांच प्रतिशत से 12 प्रतिशत कर दिया गया है. (इनपुट भाषा से)
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पहले प्रकाशित : 2 नवंबर, 2023, 07:54 IST
