ईशा बिरोरिया/ऋषिकेश:अरोमा थेरेपी एक हीलिंग अवधारणा है जिसके उपयोग से हम प्रतिदिन मेरा जीवन में होने वाले स्वास्थ्य इश्यू से राहत पा सकते हैं। अधिकतर लोग अपने मन और साथ में ही मन की शांति के लिए यह थेरेपी करते हैं। अरोमा थेरेपी से हमारा मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। अगर आप लंबे समय से तनव में हैं और बिना किसी दवा का सहारा लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार चाहते हैं तो ये थेरेपी आपके लिए जादुई साबित होगी। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में ये अरोमा थेरेपी ढूंढी जाती है। सबसे पहले प्राचीन काल में अरोमा थेरेपी को बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इस थेरेपी को करने से हमारे शरीर को कई फायदे होते हैं।
लोक 18 के साथ हुई बातचीत में अरोमा थेरेपी के दौरान टीचर माया धामी ने कहा कि पूरी जिंदगी में हम सभी अपने-अपने दोस्तों में काफी व्यस्त रहते हैं। इसके कारण से बड़ी संख्या में लोगों को स्ट्रेस और एंजाइटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमारे शरीर को आराम की आवश्यकता होती है। हमारी बॉडी को रिलेक्स करने के लिए सबसे अधिक रिलेक्सिंग थेरेपी अरोमा थेरेपी है। अरोमा थेरेपी में तेल का इस्तमाल से शरीर को आराम मिलता है। डिफ्यूजर को अलग-अलग सुदांधित तेल में इस्तेमाल किया जाता है, साथ ही इसमें कई जड़ी-बूटियों और घटकों जैसे कि अदरक का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसका प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। आप अपने कमरे में डिफ्यूज़र की मदद से इस तेल के मिश्रण को पूरा भर सकते हैं। जिसके बाद ब्रीथिंग की मदद से तेल हमारे शरीर तक पहुंचता है। वहीं इस तेल से भी मालिश की जा सकती है। इस औषधि में मसाले वाले तेल को मिलाकर पूरे शरीर में मालिश की जाती है।
अरोमा थेरेपी के फायदे
इस औषधि से बदन दर्द में काफी फायदा होता है। इसके साथ ही शरीर की सारी थकान भी दूर हो जाती है और स्ट्रेस, एंजायटी और डिप्रेशन जैसी गंभीर से राहत मिलती है। इसके अलावा ये थेरेपी हेयर फॉल और सिरदर्द में भी काफी चमत्कारी साबित होती है।
.
पहले प्रकाशित : 2 नवंबर, 2023, 23:23 IST
