पवन सिंह/कुँवर उत्तराखंड को यहां की मातृभूमि की वजह से भी जाना जाता है। यहां मिलने वाले अश्वगंधा के पौधे के औषधीय गुणों की विविधता होती है, जिसे आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि बताया गया है। इसका नियमित उपयोग शरीर को कई घातक रसायनों से मुक्त किया जा सकता है। अश्वगंधा की कई गुणधर्मता बताई गई है। अश्वगंधा में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीऑक्सीडेंट टॉनिक, एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटी-आध्यात्मिकता के साथ-साथ और भी कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी-स्ट्रेस गुण भी होते हैं, जो आपको तनाव मुक्त करने में मदद करते हैं। कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी है ये गुणवान औषधि. कई अध्ययनों से पता चला है कि इसके सेवन से कैंसर कोशिकाएं ख़त्म हो जाती हैं।
बस्तर स्थित वन अनुसंधान केंद्र के वन क्षेत्र अधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि यदि आप आयुर्वेद में कुछ भी नहीं जानते हैं, तो आपने अश्वगंधा का नाम जरूर सुना होगा। यह एक प्राचीन और महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। इसका उपयोग जीवन की कई दुकानों में किया जाता है। शरीर की रोग संरचना की क्षमता में लाभ नमुना की खूबी के कारण इसे भारतीय रेयानंग भी कहा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में आयुर्वेद ने देश और विदेश में बहुत नाम कमाया है। अश्वगंधा जैसे प्राचीन जड़ी बूटी की काफी चर्चा है। आपको वन अनुसंधान केन्द्र में यह पौधा आसानी से उपलब्ध होगा।
सुबह खाली पेट अश्वगंधा खाने से क्या होता है?
उन्होंने बताया कि सुबह खाली पेट अश्वगंधा खाने से तनाव और अवसाद के लक्षण दूर होते हैं। आपको बता दें कि अश्वगंधा के सेवन से कोर्टिसोल का स्तर कम होता है, जिससे तनाव कम होता है। अश्वगंधा आपके मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, इसलिए जिन लोगों को डिप्रेशन या तनाव है, उनके लिए अश्वगंधा का सेवन करना चमत्कारी होता है।
अश्वगंधा पुरुषों के लिए क्या करें?
मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि पुरुषों में इन्फर्टिलिटी और नपुंसकता की समस्या को दूर करने के लिए अश्वगंधा की रामबाण औषधि कारगर साबित होती है। पुरुषों में शीघ्रपटन के अलावा स्पर्म काउंटी कम होने की समस्या भी काफी देखने को मिलती है। जिन लोगों को ये समस्या हो तो उन्हें अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए।
अश्वगंधा के फायदे ही फायदे
उन्होंने बताया कि अश्वगंधा ब्लड मॉड्यूल को नियंत्रित भंडार में रखा गया है। यह लड़ाई में भी सहायक है। इसे नियमित रूप से लिया जाए, तो मानसिक शक्ति का लाभ होता है। इसके सेवन से अच्छी और गहरी नींद आती है। यह मर्दों में यौन प्रतिस्पर्धा से लड़ने में भी सहायक होता है। एक शोध से यह भी पता चला है कि इसके नियमित सेवन से मर्दों के शरीर में टेस्टास्ट्रॉन की मात्रा बढ़ती है।
अश्वगंधा का सेवन कैसे करें?
अश्वगंधा के उपाय जड़ावती बाजार में उपभोक्ता रूप में, पाउडर के रूप में और औषधि के रूप में भी उपलब्ध हैं। अश्वगंधा तेल व कैप्सूल के रूप में देखें। अब बाजार में इसके कैप्सूल भी मिलने लगे हैं, जिससे इसका सेवन करना आसान हो गया है। लोग काफी पारंपरिक तरीके से इस पाउडर का ही इस्तेमाल करते हैं। यह भी ध्यान रखें कि अश्वगंधा का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में इसका सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
(नोट: यह खबर सभी जानकारियों और तथ्यों पर आधारित है। LOCAL18 किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है।)
.
टैग: स्वास्थ्य, जीवन शैली, स्थानीय18, उत्तराखंड समाचार
पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 15:45 IST
