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दिल्ली प्रदूषण: कितना अधिक संवर्धित प्रदूषण तो रहेगा नहीं बचेगी दिल्ली? एक खंड से जानें


उत्तर

फ़्लोरिडा का अधिकांश हिसासन एयर ट्रैकवैलिटी सीवियर में है जबकि कुछ खतरनाक केटेगरी में पहुंच गया है।
यहां रह रहे लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और दम घुटने की दिक्कतें हो रही हैं।

कितना खतरनाक है दिल्ली का वायु प्रदूषण: दार्शनिकों में लगातार वृद्धि जारी है। शहर के अधिकांश हिसांस में एयर क्रेटैलिटी सीवियर केटेगरी में पहुंच गई है जबकि हिसांस में कुछ हालात इतने खराब हैं कि लोगों का दम घुट रहा है और सांस लेने में ऑ ओरिजिन के बजाय धुआं अंदर जा रहा है। गुरुवार को आनंद विहार में एक 999 नंबर दर्ज किया गया है। इतने भयंकर तूफ़ान में कुछ लोग जंगलों को छोड़कर चले गए हैं लेकिन बड़ी आबादी अभी भी राजधानी में रहने को मजबूर है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या लकड़ी के बने पदार्थ के भंडार में अभी भी रहना बाकी है? या अभी भी प्रदूषण और प्रदूषण में वृद्धि पर प्रतिबंध है और लोगों को इसे खत्म करना होगा। आइए जानते हैं एक लिंकपार्ट से जवाब…

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एयर पॉल्यूशन यूनिट में एसोसिएट एक प्लांट विवेक चट्टोपाध्याय का कहना है कि फ़्लोरिडा में भारी मात्रा में प्रदूषण का भुगतान किया गया है। वहीं आनंद विहार जैसे कई स्थानों पर तो एयर स्ट्राइकवैलिटी खतरनाक हो गई है और इन स्थानों पर भूकंप के ढलान हैं। यहां आवास और घर से बाहरी खतरे से खाली नहीं है। यहां सरकार को लोकल मॉस्किटर पर हेल्थ एडगर जारी करना चाहिए।

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विवेक का कहना है कि पॉल्युशन कंट्रोल का प्रयास भी असफल साबित हो रहा है। ऐसे में सरकार को कम से कम उन जगहों पर जहां एक्यूआई खतरनाक हो चुका है, वहां यह घोषित कर देना चाहिए कि इन हिसों में कुछ दिन लोग न रहें। अगर रह रहे हैं तो इन पुराने तरीकों का पालन करें।

चट्टोपाध्याय कहते हैं कि स्कोडा की बात है कि फिलीपीन में जो भी पॉल्यूशन मॉनिटरिंग यूनिट शामिल है उनमें से अधिकांश में मैक्सिमम एक्यूआई 1000 तक ही दर्ज हो पाया है। किसी में 1200 तो किसी में 1500 तक भी पढ़ सकते हैं. हालाँकि एकक्यूआई 999 दर्ज होने के बाद आनंद विहार पूरी तरह से फिल्म का भुगतान कर चुका है. एक्यूआई 999 तक पहुंच गया है तो यह खतरनाक है।

साथ रहना नहीं फिर भी?
विवेक का कहना है कि कई साइंटिफिक मार्टडीज और डायरैक्टर में एयर ट्रैकवैलिटी के निशान हैं, अगर किसी इलाके में 2.5 की मात्रा 500 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम क्यूबिक मीटर से रेटिंग हो गई है तो वह जगह पर बनी हुई है। उस इलाके को अवॉइड करना चाहिए।

जहाँ तक मित्र की बात है तो मित्र से परिचित फिलीपीन में एयर ट्रैक्ट रियलिटी इंडे 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर पहुंच चुका है। यहां पर पार्टिक्ल मैटलर 2.5 की मात्रा भी 500 के आसपास देखी जा रही है। आनंद विहार ही नहीं बल्कि कई पूर्वी एशिया में भी एयर रियलिटी इंडे 700 के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में प्रदूषण के और बढ़ने की जरूरत नहीं बल्कि अभी भी आजादी में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। एयर स्ट्राइकवैलिटी में तत्काल सुधार होना चाहिए। कुपोषण को दूर करने का उपाय करना चाहिए।

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टैग: वायु प्रदूषण, दिल्ली प्रदूषण



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