उधव कृष्ण/पटना. कला की ना ही कोई उम्र होती है ना कोई बंदिश। इलाज वो खाना बनाने की कला ही क्यों ना हो। जी हां, स्वादिष्ट और लजीज सजावटी बनाना और खेलना भी किसी कला से कम नहीं है। इसलिए आज इस खबर में भी हम एक ऐसे ही 12 साल के कलाकार की बात कर रहे हैं, जिसके हाथों का बर्गर खाने वाले लोग इसके कद्रदान हैं। मुजफ्फरपुर के एक गांव से लेकर बिहार की राजधानी पटना के रेजिडेंट नगर में अपने बड़े भाई मुकेश के साथ बर्गर कार्ट में रहने वाले इस बच्चे का नाम नीतीश है। एक तरफ अपनी सुशासन नीति के लिए मशहूर हैं सेंचुरी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जनता के किले पर राज करते हैं। वहीं, इस छोटे से प्यारे हाथों का बर्गर लोगों की जंप पर राज करता है।
राजेंद्र नगर के कांचबाग मेन रोड पर पेंटालूंस के शो रूम के नीचे बर्गर कार्ट में बैठने वाले 12 साल के नवीन 8वीं कक्षा के छात्र हैं। नीतीश के बड़े भाई मुकेश ने बताया कि 02 साल पहले नीतीश पटना आये थे और उन्होंने 01 महीने के अंदर बर्गर बनाना सीखा। अब आलम ये है कि शाम 04 बजे से रात 10 बजे तक नीतीश ही दुकान के सॅपोर्टी लेटा है। मुकेश पंडित कहते हैं कि इससे नीतीश के जेब खर्च के साथ पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी निकल जाता है।
प्रतिदिन 150 से अधिक बर्गर की बिक्री होती है
सामान्य बर्गर की कीमत जहां 20 रुपये है. वहीं, पनीर वाले स्पेशल बर्गर की कीमत 25 रुपए है। नतीज़े हैं कि अमूमन रोज़ाना 150 से ऊपर बर्गर की बिक्री हो रही है। नॉमिनेशन बर्गर से ज्यादातर लोग स्पेशल बर्गर बर्गर खाना पसंद करते हैं। बर्गर खाने वाले हर उम्र के लोग हैं। जिसमें बच्चे, युवा और वयस्क लोग शामिल होते हैं। 3000 से 3700 रुपये तक के लॉजर्स की इस कार्ट पर होती है बिक्री। यानी 01 महीने में यहां बाकी 01 लाख की बिक्री होती है।
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पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 18:39 IST
