आँख में उच्च रक्तचाप का संकेत: लगभग हर किसी की आंखों में कभी न कभी लाल रंग या फिर किसी तरह की लाल आंखें जरूर दिखती हैं। अलग-अलग भाषा में अलग-अलग कारण हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में यह आपका अपना नाम हो जाता है। लेकिन अगर यह रक्तरंजित आंखों में ज्यादातर दिनों तक टिकी रहे या आंखों में ज्यादातर दिनों तक खून की लाल-लाल धारियां दिखाई दे तो इसे बेहद बेकार से लेना चाहिए क्योंकि यह साइलेंट किलर बीमारी उच्च रक्तचाप के लक्षण हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप को हाइपरटेंशन हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। जब हाई ब्लड ब्लड बनता है तब हार्ट को पंप करने के लिए अधिक मात्रा में खून निकाला जाता है। यानी दिल पर दबाव बढ़ता है। इससे रक्त वैसल्स का विनाश होता है। जब ब्लड वैसल्स डैमेज हो जाएगा तो मेडिकल इमर्जेंसी का खतरा बढ़ जाएगा। इस स्थिति में हार्ट अटैक, स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि रक्तरंजित आंखों को कभी-कभी आंखों में नहीं लेना चाहिए।
हाई ब्लड वॉल्यूम से लाल आँख का सीधा संबंध
जैसा कि पहले बताया गया था कि उच्च रक्त प्रवाह का कारण ब्लड वैल्स डैमेज होना प्रतीत होता है। इससे आंखों की रोशनी तक आने वाला ब्लड वैसल भी डैमेज हो जाएगा। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि अगर आपको लाल और आंखों में दिक्कत हो रही है तो यह समस्या कुछ दिनों में आपके लिए ठीक हो जाएगी। रहा है तो ये है साज़रे तक आँख से नहीं और देखेगा लाल साज़िश। इसे हाइपटेंसिव सोयापेथी (उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रेटिनोपैथी) बीमारी कहा जाता है। ब्लड वैसल्स डैमेज होने के कारण धार्मिकता तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण इसमें दिक्कत आ रही है। यदि यह लक्षण गंभीर है तो इससे आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
आंखों के साथ दिखें ये लक्षण तो भागे डॉक्टर के पास
यदि उच्च रक्तचाप के कारण हाइपरटेन्सिव रेटिनोपेथी होता है तो रक्तचाप का रक्त बहुत कठोर और कठोर हो जाएगा। इस स्थिति में दोनों एक-दूसरे को आकर्षित करने लगते हैं। यहां तक कि दोनों एक-दूसरे से आगे निकल जाते हैं। इससे आंखों की रोशनी पूरी तरह से जा सकती है। ब्रिटिश हार्ट फोन्स का कहना है कि यही कारण है कि जब किसी का ब्लड ब्लड खराब हो जाता है तो आंखों की रोशनी खराब हो जाती है। इसके साथ ही नाक से कभी-कभी खून निकलता है, सांस फूलती है, सीने में दर्द होता है, चक्कर आता है और हमेशा सिर दर्द रहता है। अगर आंखों की रोशनी के साथ ये सभी लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हाई ब्लड डिसऑर्डर से ऐसी सलाह
हाई ब्लड वर्कशॉप से बचाव के लिए अंतिम भाग लें। प्रतिदिन अपने उत्पाद में साबुत अनाज, साबुत फल और हरे पत्ते के डंठल को शामिल करें। तुरंत वजन कम करें. आरामदायक नींद लें और तनाव, अवसाद से दूर रहें।
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पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 06:41 IST
