नई दिल्ली इजराइल-हमास के बीच चल रहा युद्ध थमाने का नाम नहीं ले रहा है. दुनिया इस वक्त दो अलग-अलग धड़ में बत्तियां हुई है। कई देश इजराइल के समर्थन में हैं तो कई देश फिलिस्तीन की तरफ से संघर्ष कर रहे हमास के समर्थन में हैं। युद्ध की शुरुआत से ही हमास का समर्थन कर रहा ईरान ने अबकी बार भारत सरकार से समर्थन मांगा है। ईरानी राष्ट्रपति और भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल-हमास के युद्ध को लेकर चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि गाजा पट्टी में इजरायली कार्रवाई को खत्म करने के लिए भारत को “अपने सभी अवशेषों” का उपयोग करना चाहिए। भारत सरकार ने मंगलवार को एक प्रेस मॉनिटर में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति अबाब रायसी ने इजराइल-हमास युद्ध पर चर्चा की बात कही है। ईरानी रीड की रिपोर्ट में कहा गया है कि रियासी ने पश्चिमी औपनिवेशिक भारत के संघर्षों के खिलाफ गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएम) के संस्थापकों में से एक के रूप में दुनिया भर में चर्चा की और भारत की स्थिति को याद किया।
ईरानी रीड के प्रकाशन में कहा गया है, “आज, भारत से गाजा के विरुद्ध जायोनी अपराध को समाप्त करने के लिए अपनी सभी शक्तियों का उपयोग करने की उम्मीद है।” ईरानी रीड के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति रईस ने पीएम मोदी से कहा, “फिलिस्तीनी लोगों की हत्या दुनिया के सभी स्वतंत्र देशों के लोगों के अनुसार बनी हुई है।”

ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि तेहरान के सशस्त्र युद्धविराम के लिए कोई भी वैश्विक संयुक्त प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि गाजा के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए किसी भी कदम का स्वागत है और नाकेबंदी हटाने को मंजूरी दी गई है। रायसी ने इजराइल की निंदा की और आरोप लगाया कि जेलों, मस्जिदों, चर्चों और रिहायशी इलाकों में भाग लिया गया, हवाई हमले में घायल महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ये क्रियाकलाप मानवीय दृष्टिकोण से “निंदनीय और उपयोगी” था।
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टैग: हमास का इजराइल पर हमला, इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष
पहले प्रकाशित : 7 नवंबर, 2023, 14:30 IST
