अभिषेक संस्था/वाराणसी। बनारस का शान बनारसी पान इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। पान में इस्तेमाल होने वाले नीबू के कारण लगातार लोग मुंह के कैंसर के शिकार हो रहे हैं। प्रोटेस्ट के एम्स कहे जाने वाले वैशेषिक अस्पताल में रोजना ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं। अकडों के मुताबिक, आईएमएमएस के डेंटल डिपार्टमेंट में हर दिन माउथ कैंसर से 5 से 8 मरीजों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें कुछ को तंबाकू के कारण और कुछ को पान के कारण मुंह के कैंसर की समस्या हो रही है।
डेंटल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर अखिलेश सिंह ने बताया कि पान में सुपारी के कारण लगातार लोग मुंह के कैंसर के शिकार हो रहे हैं। केवल वाराणसी में ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों में मुंह के कैंसर की समस्या से पीड़ित लोगों की अच्छी संख्या है।
मुँह की चमड़ी बनी हुई है
एसोसिएट प्रोफेसर अखिलेश सिंह ने बताया कि पान में इस्तेमाल होने वाली सुपारी और तंबाकू के कारण मुंह के चमड़ी का छिलका उड़ जाता है, जिसके बाद मुंह के अंदर कैंसर सामने आ जाता है। वहीं, कुछ लोगों में सुपारी के कारण मुंह ठीक नहीं होने की समस्या भी आती है, जो मुंह के कैंसर का कारण बनता है। इसके अलग-अलग स्टेज होते हैं. हालाँकि सही समय पर पैग़ामिक तक पहुँच जाता है, तो उसका इलाज संभव है। जबकि बाद में कई बार ये खतरनाक साबित भी होता है. वाराणसी में दो कैंसर संस्थानों के बाद अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के मरीज आ रहे हैं।
बिना सुपारी के पान से खतरनाक कम
डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि वैसे तो नशे की लत का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन मुंह के कैंसर जैसी बीमारी से लोगों को बचना है तो उन्हें पान में सुपारी का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे मुंह के कैंसर का खतरा काफी कम होता है।
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पहले प्रकाशित : 7 नवंबर, 2023, 16:07 IST
