मोहन ढाकले/बुरहानपुर. आपने आज तक पैकेज पर बने हुए पापड़ तो बहुत देर हो जाएगी लेकिन बुरहानपुर के धार्मिक चौक क्षेत्र में रहने वाले सईद छिपकली का परिवार पिछले 40 वर्षों से अपने घर की तैयारी से हाथ से पापड़ बाजार में बिक रहा है। इन पापड़ों की इतनी अनोखी पहचान है कि बुरहानपुर जिले के साथ महाराष्ट्र के करीब एक आबादी से अधिक गांव के लोग भी इन पापड़ों की सूची के लिए अपनी सूची तैयार करते हैं। पापड़ का स्वाद इतना अच्छा है कि इसकी डिजाईन दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ज्वार और चावल से पापड़ बनाये जाते हैं।
जब पापड़ बनाने वाले सैय्यद ट्रेलर से लोकल 18 की टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि घर पर पापड़ बनाने वाले बाकी तैयार हो जाते हैं। जिसके बाद ज्वार और चावल के आटे का मसाला हाथ से पापड़ बनाने का काम किया जाता है। उनकी करीब ₹50 हजार से भी ज्यादा की इनकम हो रही है।
स्वास्थ्य के लिए होता है
स्वास्थ्य के लिए ज्वार का पापड़ होता है. ज्यूर का पापड़ खाने से यह पापड़ जल्द ही पचन हो जाता है लोग भी ज्यूर का पापड़ अधिक खरीदारी पसंद कर रहे हैं। ऑर्डर पर पापड़ दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं जहां घर के नमूने से तैयार यह पापड़ महाराष्ट्र के लोग भी ऑर्डर पर चढ़े हुए हैं। शादी और शुभ कार्य में स्वादिष्ट भोजन के साथ पापड़ खाना भी लोगों को पसंद आता है.
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पहले प्रकाशित : 7 नवंबर, 2023, 13:55 IST
