
आज रात होने वाली है दुर्लभ खगोलीय घटना
शुक्र और चंद्रमा: कुदरत के करिश्माई धरती पर ही नहीं, बल्कि आकाश में भी अक्सर देखने को मिलते हैं। इसी बीच आज गुरुवार को आकाश में एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब आपको आकाश में सबसे चमकदार ग्रह रात में कुछ देर देखने को नहीं मिलेगा। ये खगोलीय दृश्य टैब वजूद में आएगा, जब हमारी पृथ्वी के जुड़वां और सूरज के दूसरे सबसे निकटतम ग्रह शुक्र यानी ‘वीनस’ चंद्रमा के पीछे छुपे होंगे।
कब होती है ऐसी दुर्लभ घटना?
मीडिया के अनुसार हमारे सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र रात्रि के आकाश में चंद्रमा के पीछे की ओर छिपता हुआ दिखाई देगा। इस दुर्लभ और मनमोहक घटना को ग्रासन यीज़ ऑकल्टेशन कहा जाता है। इसे दुनिया की अलग-अलग विचारधाराओं में देखा जा सकता है। ग्रासन की घटना तब घटित होती है जब एक खगोलीय पिंड दूसरे पिंड के सामने प्रकट होता है और वह आंशिक या पूर्ण रूप से अपने प्रकाश को पृथ्वी पर आने से रोक देता है। इस स्थिति में चंद्रमा अपने घटते अर्धचंद्राकार के दौरान अपनी 15 प्रतिशत रोशनी के साथ शुक्र के सामने से गुजरेगा। इस कारण से चमकीला ग्रह शुक्र चंद लम्हों के लिए पृथ्वी से प्रकट नहीं हुआ।
छोटे कद के लोगों से भी देखा जा सकता है ये नजारा
शुक्र ग्रह की चमक की झलक -4.3 होगी जब चंद्रमा की डिस्क यह पूरी तरह से जादूई देवी होगी। इस घटना का मनमोहक दृश्य आकाश में देखा जा सकता है। इन खगोलीय पिंडों के समान होगी वे एक छोटी आकृति से भी देख सकते हैं। ये स्काईवॉचर्स और इंजीनियरों को एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
खगोलशास्त्र से सम्बंधित रोचक घटना से दुर्लभ दुर्लभ जानकारी
यह खगोलीय घटना केवल एक दृश्य नहीं है बल्कि हमारे सौर मंडल की प्रकृति की याद भी दिलाती है। चंद्रमा और शुक्र ग्रह जैसे चंद्रमा और शुक्र ग्रह की त्रिशूल सतत गतिमान हैं, जिनकी वजह से ये कभी-कभी संरेखण हो जाते हैं। इन कहानियों का अध्ययन करने से हमें आकाशीय पिंडों के जटिल नृत्य और ब्रह्मांड की भव्यता का दर्शन मिल सकता है।
