सन्नन्दन उपाध्याय/बलिया: हर कोई सुंदर त्वचा पाने के लिए कई तरह के जतन करता है। इस संबंध में लोग बॉडी पर कई तरह के फेसबुक पैक का इस्तेमाल करते हैं। कई बार तो इन फेस पैक के इस्तेमाल से चेहरे का रंग उड़ जाता है। पुराने समय में लोग अपने शरीर में मोटापे की समस्या को दूर करते थे। अब अन्यत्र कार्यप्रणाली देखने को मिल रही है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं गंगा की जलोढ़ मिट्टी की जिसमें ऐसे गुण हैं जो शरीर के लिए काफी आकर्षक सिद्ध होते हैं।
इस मिट्टी में क्ले की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके साथ ही क्ले एसोसिएटेड जो तरंगें होती हैं वह भी काफी मात्रा में पाई जाती हैं। इस मिट्टी से स्नान करने या जलन होने वाले भागों पर शरीर को एक राहत राहत भारी ठंडक मिलती है। कृषि एवं कृषि विभाग के विशेषज्ञ प्रो. अशोक कुमार सिंह कहते हैं कि गंगा की मिट्टी से शरीर को राहत मिलती है, ठंडक देने के साथ ही शरीर को साफ करते हैं कई दुकानें रामबाण का काम भी करती हैं। यह मिट्टी गंगा के तट पर पाई जाती है। जहां होता है मिट्टी का जमाव. जल के किनारे की मिट्टी उपयुक्त नहीं है क्योंकि समुद्र तट और ढाल की मात्रा अधिक है।
ये है गंगा की मिट्टी महत्वपूर्ण और अद्भुत
गंगा की मिट्टी बड़ी ही गुणकारी है। गंगा के किनारे की मिट्टी में रेत और ढाल अधिक पाई जाती है। इसलिए जहां पर मिट्टी का जमाव होता है वहां पर मिट्टी का प्रयोग करना चाहिए। जिसमें क्ले की मात्रा अधिक पायी जाती है। तो उस मिट्टी की पहचान भूरे और काले रंग की होती है। यह मिट्टी शरीर के लिए होती है। इस मिट्टी में पूरी तरह से साबुन का गुण होता है। यह बालों के साथ शरीर को भी बिना किसी दुष्प्रभाव के शीतलता प्रदान करता है। क्ले के साथ-साथ इसमें क्ले एसोसिएटेड जो अवशेष पाए जाते हैं वो और भी पाए जाते हैं। इसके अलावा पोटेशियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम, कैल्शियम, इंके मोनो और खनिज भी पाए जाते हैं।
ऐसे प्रयोग पर ध्यान दें
ऐसे घाव जो फोड़े की अवस्था में जलन पैदा करते हैं। उस समय यह मिट्टी काफी होती है लेकिन जब घन फुट जाए तो इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह पुराने जमाने में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया गया था लेकिन आज भी यह पुराने जमाने की तकनीक बहुत ही प्रचलित है। इस मिट्टी में मिट्टी के साथ-साथ सोडियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम, कैल्शियम और खनिज पदार्थों के अलावा अन्य पदार्थ भी पाए जाते हैं। जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इस मिट्टी के प्रयोग से शरीर में जलन होने वाले भागों पर काफी ठंडक पड़ती है।
ये बोले ये मिट्टी से नहाने वाले लोग
इस मिट्टी से गंगा तट पर स्नान करने वाले लोगों ने कहा कि इस मिट्टी से स्नान करने पर शरीर को रोग जोड़ने की क्षमता होती है। इससे स्नान करने के बाद शरीर में एक नई ऊर्जा, ताजगी और शरीर स्वस्थ रहता है। इस मिट्टी से स्नान करने के बाद यह मिट्टी शरीर के लिए काफी उपयोगी है। इससे हम सभी स्नान करते हैं और हम सभी को काफी लाभ होता है जहाँ डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने कहा कि यह मिट्टी एक तरह से कही जाए तो शरीर के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। इसके गुण अनंत हैं.
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पहले प्रकाशित : 10 नवंबर, 2023, 16:05 IST
