नई दिल्ली. जापानी मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष ओम बिरला को भेजी है। पैसे लेकर संसद में प्रश्नोत्तरी के मामले में राष्ट्रपति आम बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांचकर्ता एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 असंतुष्टों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें गुरुवार की बैठक में 6-4 के अंतर से विचार किया गया था।
आधिकारिक तौर पर कहा गया है, एथिक्स कमेटी ने वह रिपोर्ट शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ओम बिरला को भेजी है। बता दें कि एथिक्स कमेटी के दिग्गज विनोद सोनकर ने गुरुवार को एथिक्स कमेटी की बैठक के बाद कहा था कि एथिक्स कमेटी ने युएन मोइत्रा पर 500 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 6 दस्तावेजों का समर्थन किया गया है। से एडॉप्ट कर लिया गया है और 4 मार्केट्स ने अपना डिसेंट नोट (आशामती का नोट) सबमिट कर दिया है।
रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए समिति की बैठक में वोट भी हुई। सोनकर ने आगे बताया कि जिस समिति के निष्कर्ष पर विचार किया गया है, उस तथ्य के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें आपकी समिति के साथ-साथ डायनासोर को पहेली और आगे की कार्रवाई के संगीतकार ही होंगे। एथिक्स कमेटी के अनुसार, एथिक्स कमेटी ने क्युइन मोइत्रा पर लागे को काफी गंभीर मानते हुए उनके आचरण को अस्वाभाविक और मूल्यवान बताया है। इसी को आधार साझी समिति ने यूक्रेन की संसद का नामांकन रद्द करने की सलाह दी है।
समिति ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में भारत सरकार से इस पूरे मामले की जांच, गहनता, कानूनी और सिद्धांत की वकालत की है, जिसमें जापान मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी के बीच डॉक्टरों के लेन-देन की भी गहन जांच की गई है। समिति ने जापानी मोइत्रा के विरुद्ध सीक्वल एक्शन की मांग की है।
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पहले प्रकाशित : 10 नवंबर, 2023, 20:53 IST
