उत्तर
यूरोप में कई सूरन यानि जिमीकंद की सब्जी खाने की परंपरा है
जिमीकंद कई तरह से गुणकारी होता है
छोटी सी कोशिश और लजीज नर्म ग्लौटी में अवशेष हो जाएंगे बेढब सा सुरन
दिवाली शाकाहारी कबाब रेसिपी: दिवाली आ गई है. आबो-हवा की हालत देखते हुए अब बस मन में ही बोल्ट फोड़ने लगे हैं। मिठाइयाँ खानी है, उपहार लेना और देना। लक्ष्मी पूजन अधिकतर हिन्दू घरों में ही होता है। कुछ इंडोनेशिया में सुरन की सब्जी खाने की रिवायत भी है। वही सुरन जो सब्जी वाले के ठेले पर अकेले या एक दो की संख्या में आकार प्रकार में अजीबो-गरीब सा दिखता है, अब चर्मपत्र में भी दिखता है। इसकी सब्जी अपने-अपने तरीके से बनाई जाती है. जायके में उमदा होने के साथ-साथ अपने गुणवत्ता के कारण स्मारकीय भोजन की श्रेणी में शामिल किया जाता है। अपने विरेचक गुण के कारण ये पेट साफ करने वाला एक बेहतरीन भोजन है। अगर आप चाहें तो एक नया प्रयोग कर सकते हैं। सुरन के गलौटी कबाब बना कर. (धनतेरस भोग रेसिपी: मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि को भोग लगाएं घर की बनी ये चीज, पूजा होगी सफल)
गलौटी का जलावा
नॉन-वेज के शौकीनों के लिए ग्लौटी लफ्ज़ बेहद लजीज है। ये अलग बात है कि सुरन के कवाब बनाने के लिए किसी भी चीज का स्वाद लेना जरूरी नहीं है. यह कबाब बहुत से लोगों को पसंद आता है कि वे इसे खाने के लिए लखनऊ तक का सफर कर लें। वैसे तो ये बाइक और मिलना बहुत सारी जगहों पर लगता है, लेकिन लखनऊ की बात निराली है। खैर अगर आपकी रुचि वेज और ग्लौटी कबाब में है तो सूरन के कबाब बनाने का तरीका बेहद आसान है.
बनाने की तैयारी
सबसे पहले सुरन को चलाने वाले पानी से खूब धो लें। इसमें बहुत सी साड़ी मिट्टी लगी रहती है। आरंभ कर इसके छोटे मोटे टुकड़े कर लें। चार-चार इंच के ठीक बाकी. इसे थोड़ी सी बड़ी इलाइची और प्रभाव नमक डाल कर प्रेमी लें। चिलनी के बाद पानी निथारने के लिए किसी भी चिलनीनुमा पोटीन का उपयोग करें। अगर न हो तो थाली को टेढ़ा करके थोड़ी देर के लिए रख दें। छात्र तो फ़िरोज़ में थोड़ी देर रुक कर अध्ययन को समाप्त कर सकते हैं। वैसे जरूरी नहीं है. (पालक पनीर रेसिपी: खाने में स्वादिष्ट पालक पनीर, खाने के बाद हर कोई कहेगा वाह)
पिसी दाल को बांधने के लिए
इधर थोड़ी सी चना दाल को भून लें। किल भर सुरन के लिए एक कप का सामान होगा। भूनी दाल को मिक्सर में पीस लें. अगर डॉक्टर की सुविधा न हो तो पहले से को पानी में तर करके फुला लें। इस तरह से उसे पीसना आसान हो जाएगा. बेसन का उपयोग भी किया जा सकता है लेकिन अंदेशा में ये रहता है कि अगर बेसन में कोई कलाकारी हो तो जायका गायब हो जाएगा।
अन्य
अब बारात की तैयारी करनी होगी। विशेष रूप से दाल चीनी, स्याह जीरा, कबाब चीनी, जावित्री, छोटा टुकड़ा जायफल, पिप्पल, काली और सफेद इलाइची के दाने, लवंग और पत्थर के फूल को प्रभावित करके गरम करके मिठाई पीस लें। कपड़छन कर टुकड़े तो कोई टुकड़ा कबाब में हड्डी नहीं बनेगी। कबाब के मसाले में पान की जड़ जरूरी होती है, लेकिन हर जगह इसे बाजार में जगह नहीं मिलती। फिर भी मिल जाए तो एक छोटा सा टुकड़ा लेकर उसे भी कपड़छन से पहले ही मसाले में शामिल कर लें। कच्चेही में रंगीन तेल लेकर जिसमें लहसुन अदरक के पेस्टी पेस्ट को भून लें। इसी तरह कुछ मिलाने और दाल का कच्चापन खत्म करने के लिए सूरन और दाल दोनों को मिला भून लें। अगर हरी धनिया अच्छी लगती हो तो उसे भी कट कर इसमें मिला लें। अपने जायके के खाते से नमक और काली मिर्च भी इसी दौरान मिला लें। हाँ, सुरन में खटाई मिलाप होता है। अब ये खुद तय कर लें कि कहां से ये पूरा मसाला मसाला काटे गए सुरन की गर्दन में कड़ीने वाली तल्खी को खत्म किया जा सकता है। हाँ, आजकल बाज़ार में जो सुरन मिल रहा है वो गले में बहुत कुछ नहीं लगता, देखने में लगने वाली चीज़ से काम चल सकता है। अंतिम में चित्र तो चित्र केवड़ा भी मिला सकते हैं।
मन करे तो स्मोक करें
अब इस मिश्रण को किसी भी पॉट में रख लें। फिर कटोरी में जलता हुआ कोयला राख कर जिसमें घी या तेल दाल कर मिश्रण को स्मोकी फ्लेवर भी दे सकते हैं. ये भी ऐसा नहीं है. मन में आये तो नहीं तो कबाब का मसाला तैयार है.
सेकें और डिज़ाइन
किसी भी तरह का छिलला पैन लेकर जिसमें घी गर्म कर लें. गलौटी कबाब गोल तो दिखती है, लेकिन बिल्कुल टिक्की जैसी नहीं होती। जैसे भी मन में आए छोटी-छोटी टिक्की के बराबर का मसाला गर्म घी पर दोनों तरफ से प्रभाव भूरा तक सेंक लें। कबाब तैयार है. धनिया, टमाटर, खटाई, काली मिर्च की चटनी के साथ इन्हें यहां ले जाया जा सकता है. प्याज के उपकरण अगर रुचते हों तो यह मजा और बढ़ाया जा सकता है।
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पहले प्रकाशित : 10 नवंबर, 2023, 13:01 IST
